जयपुर में CJP टीम पर हमला! आशुतोष रांका बोले- ‘मेरी शर्ट फाड़ी, मोबाइल तोड़ा’

जयपुर के बगरू क्षेत्र स्थित रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर आशुतोष रांका अपनी टीम के साथ स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जुट गए और निरीक्षण का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

स्कूल की बदहाल स्थिति देखने पहुंची थी टीम

बताया जा रहा है कि गांव का प्राथमिक स्कूल काफी समय से जर्जर हालत में है। भवन की स्थिति को देखते हुए बच्चों की कक्षाएं फिलहाल पास के एक बाड़े में संचालित की जा रही हैं। इसी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था और भवन की स्थिति का जायजा लेने के लिए CJP की टीम जयपुर पहुंची थी।

ग्रामीणों ने क्यों किया विरोध?

ग्रामीणों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्कूल भवन के सुधार के लिए सरकार पहले ही 12.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर चुकी है। उनका दावा है कि स्कूल की मरम्मत स्थानीय स्तर पर कराई जाएगी। ग्रामीणों ने CJP की टीम के निरीक्षण को राजनीतिक हस्तक्षेप बताते हुए इसका विरोध किया।

सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ विवाद बाद में और बढ़ गया। ग्रामीणों ने टीम को गांव से बाहर जाने को कहा। इसके बाद स्कूल के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया और रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर आवागमन रोकने की कोशिश की गई। आरोप है कि इसी दौरान CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई और उनकी गाड़ियों पर पत्थर भी फेंके गए।

आशुतोष रांका ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

घटना के बाद आशुतोष रांका ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कथित हमले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी और संबंधित आदेश वापस लेने की मांग की है। रांका ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर CJP राजस्थानभर में आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन केवल स्कूलों की समस्याओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। रांका ने घटना को राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘काला दिन’ बताया।

स्कूल की हालत बनी विवाद की मुख्य वजह

फिलहाल पूरे विवाद के केंद्र में गांव का जर्जर सरकारी स्कूल और वहां पढ़ने वाले बच्चों की स्थिति है। एक तरफ ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने स्कूल की मरम्मत के लिए राशि मंजूर कर दी है, जबकि CJP इस मुद्दे को लेकर सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। घटना के बाद दोनों पक्षों के आरोपों से मामला और गरमा गया है।

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