'राम के नाम पर फर्जीवाड़ा': VB-G RAM G योजना में धांधली पर भड़के जयराम रमेश
कांग्रेस पार्टी ने 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि भगवान श्री राम के नाम पर चलाई जा रही इस कल्याणकारी योजना में क्लोन एप्लीकेशन के जरिए फर्जी हाजिरी लगाकर गरीबों के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और संत कबीर नगर में फर्जी हाजिरी का पर्दाफाश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए जयराम रमेश ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बाद अब संत कबीर नगर जिले में भी VB-G RAM G योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि क्लोन ऐप्स का इस्तेमाल करके फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो कि एक बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है।
कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में कहा, "राम के नाम पर दान चुराया गया, राम के नाम पर चढ़ावा लूटा गया और अब राम के नाम पर फर्जी रोजगार का खेल चल रहा है। भगवान राम के नाम पर बीजेपी के पास और कितने पाप करना बाकी रह गया है?"
राजस्थान के जैसलमेर में भी करोड़ों की गड़बड़ी का मामला
इससे पहले योजना के क्रियान्वयन में तकनीकी खामियों के चलते राजस्थान के जैसलमेर जिले की सम पंचायत समिति में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई थी कि राज्यभर में श्रमिकों के फेस ऑथेंटिकेशन में फोटो डुप्लीकेशन के लगभग 2.56 लाख मामले पाए गए थे, अकेले जैसलमेर जिले में ही 2.05 लाख ऐसे संदिग्ध मामले दर्ज किए गए थे। थर्ड-पार्टी ऐप और तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर इस सुनियोजित फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था।
मनरेगा की जगह लाई गई नई योजना पर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती 100 दिन की रोजगार गारंटी (मनरेगा) की जगह लाई गई 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G योजना के तहत रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जो इसी साल जुलाई से प्रभावी हुई है। हालांकि, योजना के शुरू होने के साथ ही इसके तकनीकी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और फर्जी हाजिरी रोकने के दावों पर विपक्ष लगातार सवालिया निशान खड़े कर रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि गरीबों के हक की पाई-पाई सुरक्षित रह सके।

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