कुशल धाम ब्रह्मसर में आचार्य मनोज्ञसूरि जी म.सा. की निश्रा में हुआ आयोजन
जैसलमेर - दादा कुशल सूरि गुरुदेव की प्रत्यक्ष दर्शन स्थली कुशल धाम ब्रह्मसर में मुनिराज प्रतापसागर जी महाराज की 41 वीं पुण्यतिथि पर वशीमालाणी रत्न शिरोमणि ब्रह्मसर तीर्थोद्धारक खरतरगच्छाचार्य जिन मनोज्ञसूरीश्वर जी महाराज के सानिध्य तथा आचार्य जिन पूर्णानंद सूरीश्वर जी महाराज, मुनि नयज्ञसागर जी महाराज एवं साध्वी वृंद की उपस्थिति में महापूजन आयोजित किया गया।इस अवसर पर आचार्य जिन मनोज्ञसूरि जी महाराज ने कहा कि वर्ष 1982 में जैसलमेर लौद्रवपुर में चातुर्मास पूर्ण कर मुनि प्रतापसागर महाराज के साथ मैंने इन 450 वर्ष प्राचीन दादा गुरुदेव के स्वत: उत्कीर्ण चरण पादुका के दर्शन किए थे। यहां आराधना करते हुए मुनि प्रतापसागर जी महाराज ने ब्रह्मसर तीर्थ के उत्थान की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा कि उस समय मैंने इस तीर्थ के उद्धार का संकल्प लिया।वर्ष 1991 मैं मुझे बाड़मेर से पदयात्रा संघ का गुरु कृपा से आदेश हुआ।तब अनेकों रूकावटों के बाद भी एक सफल पदयात्रा संघ ब्रह्मसर पहुंचा और सभी भक्तों की दर्शन को लालायित मनोकामना पूर्ण हुई। वर्ष 1993 में दादा जिन कुशल सूरि ट्रस्ट ब्रह्मसर की स्थापना कर यहां का विकास प्रारंभ हुआ। वर्तमान में यह तीर्थ विकास के पथ पर अग्रसर है। दादा गुरुदेव और मुनिराज प्रतापसागर महाराज की कृपा से इस तीर्थ की यात्रार्थ लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष आते हैं। आचार्य मनोज्ञसूरि जी महाराज ने कहा कि चादर महोत्सव के आयोजन का प्रथम संकेत भी इसी दादावाड़ी से प्राप्त हुए और जिनशासन के इतिहास में इस महोत्सव ने उत्कृष्ट ख्याति अर्जित की है। महेन्द्र भाई ने बताया कि दादा गुरुदेव के महापूजन का लाभ कमलेशकुमार रौनककुमार लक्षित कुमार संकलेचा पचपदरा अहमदाबाद वालों ने लिया।विधिकारक सुनील भाई डीसा एवं कुशल दर्शन मित्र मंडल बाड़मेर के गुरु भक्तों ने पूजन में विधि-विधान और संगीत की मधुर स्वर लहरियों के साथ भाग लिया। महापूजन में गुरू प्रतिमा,पादुका,यंत्र तथा मांडणें की विधिवत पूजा की गई। परमात्मा महावीर,पार्श्वनाथ भगवान,गौतम स्वामी,सुधर्मा स्वामी,खरतर विरूद्ध धारक जिनेश्वर सूरि,नवांगी टीकाकार अभयदेव सूरि, जिनदत्त सूरि,मणिधारी जिन चंद्र सूरि,जिन कुशल सूरि,जिन चंद्र सूरि,दस दिगपाल,नवग्रह,चौसठ योगिनी,बावन भैरव और विविध देवों का अष्टप्रकारी पूजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्मसर ट्रस्ट,जिन कुशल युवा मंडल,जिन कुशल मनोज्ञ एवं पार्श्व महिला मंडल सहित बड़ी संख्या में गुरू भक्तों उपस्थित रहे
रिपोर्टर - दीपक जिंदाणी


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