डीएम ने दिए 'विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति' के गठन और वाहनों की सघन जांच के निर्देश
उरई : जनपद के छात्र-छात्राओं को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और स्कूली वाहनों के मानकों की समीक्षा हेतु विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में 'जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों की फिटनेस, चालकों के सत्यापन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले प्रबंधकों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा की और पाया कि कई विद्यालयों ने अभी तक परिवहन सुरक्षा समिति का गठन नहीं किया है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में अब तक समितियों का गठन नहीं हुआ है, वे आगामी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से समिति गठित कर इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और एआरटीओ कार्यालय को उपलब्ध कराएं। साथ ही, जिन स्कूलों में समितियां बन चुकी हैं, उन्हें प्रत्येक त्रैमास में नियमित रूप से बैठक आयोजित कर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि स्कूली वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप होना अनिवार्य है और वाहन के पीछे प्रबंधक, प्रधानाचार्य, चालक तथा परिचालक के मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए ताकि आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके।
परिवहन सुरक्षा को लेकर जारी दिशा-निर्देशों में जिलाधिकारी ने वाहन चालकों की गति सीमा न्यूनतम रखने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-समय पर चालकों का नेत्र और शारीरिक परीक्षण कराया जाए तथा उनके पुलिस वेरिफिकेशन और ड्राइविंग लाइसेंस का गहन सत्यापन सुनिश्चित हो। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विद्यालय यान से भिन्न (अनाधिकृत) वाहनों पर छात्र-छात्राओं को न ले जाया जाए और यदि आवश्यक हो तो ऐसे वाहनों का विद्यालय से विधिवत अनुबंध कराया जाए। अभिभावकों से भी अपील की गई कि जो वाहन तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं हैं, उनसे अपने बच्चों को स्कूल न भेजें। इस दौरान जलशक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान ने स्कूली वाहनों के आवागमन में आने वाले अवरोधों की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिस पर जिलाधिकारी ने इन बाधाओं को तत्काल दूर करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के सचिव एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, सांसद प्रतिनिधि राजीव शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, यात्रीकर अधिकारी विनय कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश, यातायात प्रभारी बीर बहादुर सिंह और अधिशासी अधिकारी रामअचल कुरील सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी दिनों में स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
रिपोर्टर : राहुल कुमार पटेल

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