न्याय की चौखट पर डीएम-एसपी: सदर कोतवाली में गूंजी फरियादियों की आवाज

जालौन - शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आयोजित 'थाना समाधान दिवस' के अवसर पर आज सदर कोतवाली में प्रशासनिक और पुलिस अमले की सक्रियता देखने को मिली। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने संयुक्त रूप से कोतवाली पहुंचकर कमान संभाली और फरियादियों की समस्याओं को बेहद संजीदगी के साथ सुना। अधिकारियों की इस मौजूदगी ने न केवल पीड़ितों में विश्वास जगाया, बल्कि मातहतों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक-एक प्रार्थना पत्र का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके निस्तारण हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। सदर कोतवाली में आयोजित इस सत्र के दौरान एक प्रमुख शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ, जिसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) को सुपुर्द किया। उन्होंने निर्देशित किया कि इस मामले की गहनता से जांच कर समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ित को न्याय के लिए भटकना न पड़े। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने दो-टूक शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब या लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि थाना समाधान दिवस आमजन और प्रशासन के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी है, इसलिए हर शिकायत का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य केवल कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि पीड़ित की वास्तविक संतुष्टि होना चाहिए।

वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कानून-व्यवस्था के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायतों की जांच पूरी तरह तथ्यात्मक और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच की प्रगति से शिकायतकर्ता को समय-समय पर अवगत कराया जाए ताकि उसे व्यवस्था पर भरोसा रहे। एसपी ने कहा कि अपराध और विवाद से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है। थाना समाधान दिवस का मूल उद्देश्य यही है कि आम नागरिक की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो जाए, जिससे न केवल अनावश्यक विवादों और लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आए, बल्कि समाज में पुलिस और प्रशासन के प्रति जनविश्वास भी सुदृढ़ हो। इस दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें आपसी समन्वय से भू-विवाद जैसे मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए गए।

रिपोर्टर - राहुल कुमार पटेल

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