लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण सर्वोपरि

जालौन - भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर संचालित किए जा रहे 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम' को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं मैदान में उतरकर मतदेय स्थलों और नोटिस सुनवाई केंद्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, नया पटेल नगर और विकास भवन स्थित नोटिस सुनवाई केंद्र पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, शिकायतों के निस्तारण की कार्यप्रणाली और नागरिकों को दी जा रही सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण में किसी भी स्तर पर शिथिलता अक्षम्य होगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने केंद्रों पर अपनी समस्याओं और आपत्तियों को लेकर आए नागरिकों व मतदाताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में जानकारी ली, ताकि प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जा सके। मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े लहजे में निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्राप्त होने वाले सभी प्रार्थना पत्रों और आपत्तियों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन की यह नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या किसी भी प्रकार के संशोधन कराने में तनिक भी असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि नोटिस सुनवाई केंद्रों पर आने वाले आम नागरिकों के साथ तैनात कर्मचारी शालीन और सम्मानजनक व्यवहार करें। प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति न होकर पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की असली मजबूती मतदाताओं की सक्रिय और जागरूक भागीदारी में ही निहित है। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यही है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का समान अवसर मिले और इसके लिए एक शुद्ध व त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निस्तारण प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित उत्तरदायी अधिकारी के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


रिपोर्टर - राहुल कुमार पटेल

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