हाउस टैक्स वसूली और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी

जालौन : जनपद जालौन में विकास कार्यों और नगर व्यवस्थाओं को गति देने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास खण्ड कार्यालय कोंच एवं नगर पालिका परिषद कोंच का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विकास कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।

जलभराव समाधान और जनसुविधाओं पर निर्देश
विकास खण्ड कार्यालय कोंच के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने जलभराव वाले क्षेत्रों में पक्की सड़क और दोनों ओर नाली निर्माण कर स्थायी जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक परिसर में सुलभ शौचालय, स्वच्छ वातावरण और जनता दर्शन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
खण्ड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार को जनसुनवाई का समय निर्धारित कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी कार्यालय परिसर की दीवारों पर चस्पा कराने के निर्देश दिए गए।

हाउस टैक्स वसूली में ढिलाई पर नाराजगी

नगर पालिका परिषद कोंच के निरीक्षण के दौरान हाउस टैक्स वसूली लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण में लगभग 500 से 700 मकान कर निर्धारण से बाहर पाए गए। इस पर अधिशासी अधिकारीकोंच मोनिका उमराव को तत्काल सर्वे कर सभी छूटे मकानों को कर दायरे में लाने तथा संबंधित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही खरीदी गई मशीनरी एवं संसाधनों का पूर्ण उपयोग कर नगर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने को कहा गया।

निर्माण कार्यों में देरी पर सख्ती
जिलाधिकारी ने टेंडर मिलने के बाद निर्माण कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों और प्रभारी अभियंताओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव  के शिथिल पर्यवेक्षण पर स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधूरे कार्य समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता से पूरे किए जाएं। जिन निर्माण कार्यों में समयसीमा का पालन नहीं हुआ है, उनमें अनुबंधानुसार 10 प्रतिशत लेट डैमेज (एलडी) क्लॉज लागू करते हुए बिल भुगतान में कटौती की जाए।

भविष्य में प्रत्येक अनुबंध में डिले क्लॉज अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। लगातार लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि जहां भी मानकों में कमी मिले, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यकता होने पर वेतन से कटौती कर सुधार सुनिश्चित किया जाए। नगर विकास विभाग के शासनादेश के अनुसार 10 लाख रुपये तक की सड़कों का सत्यापन कराने के बाद ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, डीपीआरओ अयोध्या प्रसाद, बीडीओ प्रशांत कुमार, प्रभारी निरीक्षक कोंच बृजेश बहादुर सिंह, नगर पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : राहुल कुमार पटेल 

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