त्रिस्तरीय पंचायतों की मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण का बिगुल बजा, 15 अप्रैल को होगा अंतिम प्रकाशन
उरई- राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जनपद जालौन की समस्त ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों के वृहद पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) ने इस संबंध में विस्तृत समय सारणी जारी करते हुए बताया कि आयोग की संशोधित अधिसूचना के क्रम में जनपद के सभी विकास खंडों में पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जाएगी। निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दावों और आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार करने, उन्हें सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा करने तथा संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के भौतिक सत्यापन और निस्तारण की महत्वपूर्ण कार्यवाही 07 जनवरी 2026 से शुरू होकर 16 मार्च 2026 तक चलेगी।
मतदाता सूची को आधुनिक और त्रुटिहीन बनाने के लिए तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात पूरक सूचियों के कंप्यूटरीकरण की तैयारी, उन्हें मूल सूची में समाहित करने तथा मतदान केंद्रों व स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया 21 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 के मध्य संपन्न की जाएगी। इसके तत्काल बाद 17 मार्च से 13 अप्रैल 2026 तक मतदाता सूचियों के कंप्यूटरीकरण के उपरांत मतदान केंद्रों का क्रमांकन, वार्डों की मैपिंग, मतदाताओं का क्रमांकन, एसवीएन आवंटन और सूचियों की डाउनलोडिंग व फोटो प्रति कराने जैसे तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। पुनरीक्षण की इस पूरी कवायद का समापन 15 अप्रैल 2026 को होगा, जब जनपद जालौन के सभी नौ विकास खंडों—रामपुरा, कुठौन्द, माधौगढ़, नदीगांव, जालौन, महेवा, कदौरा, डकोर और कोंच की निर्वाचक नामावलियों का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने-अपने क्षेत्राधिकार में इस संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। सार्वजनिक जानकारी हेतु इस कार्यक्रम को सभी संबंधित कार्यालयों के सूचना पट्टों पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। निर्वाचन कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए यह भी आदेशित किया गया है कि पुनरीक्षण अवधि के दौरान पड़ने वाले समस्त सार्वजनिक अवकाशों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे और निर्धारित समय सारणी के अनुसार कार्य संपादित किया जाएगा। प्रशासन ने कड़े रुख में स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में तय समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ समयबद्ध तरीके से इस संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें।
जिला जालौन से राहुल कुमार पटेल सी न्यूज भारत


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