तहसील समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादें

तहसील समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनीं फरियादें, आरती और निर्दोष सहित 14 के मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण

जालौन- जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए शासन की मंशा के अनुरूप तहसील जालौन सभागार में शनिवार को 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने एक-एक कर कुल 60 प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 14 गंभीर प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर पीड़ितों को राहत पहुँचाई।
समाधान दिवस के दौरान मोहल्ला खटीकान निवासी आरती सिंह द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने दूसरे पक्ष राजा बेटी, अजय कुमार और विजय कुमार की दलीलें भी सुनीं। तत्काल तहसीलदार, कोतवाल, अधिशासी अधिकारी और लेखपाल की एक संयुक्त टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए गए। जांच टीम ने मौके पर पहुँचकर नगर पालिका से स्वीकृत नक्शे और चौहद्दी का मिलान किया, जिसमें निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप सही पाया गया। तथ्यों की स्पष्टता के साथ इस विवाद का निष्पक्ष समाधान कराया गया। इसी प्रकार ग्राम सलाबाद निवासी निर्दोष कुमार चतुर्वेदी द्वारा चकमार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत पर राजस्व टीम ने गाटा संख्या 262 की पैमाइश की। जांच में सामने आया कि चकमार्ग का एक हिस्सा वर्षों से नाले के रूप में प्रयुक्त हो रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर चकरोड कार्य पूर्ण कराने का आदेश दिया।
विकास कार्यों से जुड़ी शिकायतों पर भी जिलाधिकारी का कड़ा रुख देखने को मिला। अशोक कुमार श्रीवास्तव की आरसीसी सड़क निर्माण संबंधी शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और संबंधित टीम ने मौके पर जांच की। हालांकि निरीक्षण में सड़क निर्मित पाई गई और शेष हिस्से में इंटरलॉकिंग कार्य पूर्ण मिला, जिसके आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। पारिवारिक और भूमि विवादों के क्रम में देवकी पत्नी ब्रजबिहारी तथा ठाकुर दीन के बीच मकान विवाद का निस्तारण नायब तहसीलदार ने मौके पर कराया। वहीं, पर्वतपुर निवासी दीक्षा पत्नी रामपाल के परिवार सदस्यता प्रमाण पत्र और वरासत संबंधी मामलों को भी तत्काल सुलझाया गया। अंश दुरुस्ती के लंबित प्रकरणों में बिजुवापुर निवासी सुखराम सिंह सहित अन्य आवेदकों को भी त्वरित राहत मिली।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण उस समय देखने को मिला जब दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए जावेद और प्रीति सिंह ने आवेदन किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मौके पर ही परीक्षण कर उन्हें दिव्यांग प्रमाण पत्र सौंपे। संबोधन के अंत में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी निस्तारण न करें, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण की गुणवत्ता की रैंडम जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर त्रुटि या टालमटोल पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी हेमंत पटेल, विशेश्वर यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह सहित जनपद के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला जालौन से राहुल कुमार पटेल सी न्यूज भारत

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