जन्माष्टमी व्रत में खाए जाने वाले स्वादिष्ट और हेल्दी व्यंजन, इन आसान रेसिपीज से बनाएं व्रत का खाना खास
BY - ARSHITA SINGH
कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है और भक्त श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं। जन्माष्टमी के व्रत में जहां भक्ति और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है, वहीं व्रत के दौरान सही खान-पान भी जरूरी होता है।
अक्सर व्रत रखने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि आखिर दिनभर ऐसा क्या खाया जाए, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भरने वाला और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने वाला भी हो। ऐसे में साबूदाना, मखाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, समा के चावल, आलू, दूध, दही और फलों जैसी व्रत में इस्तेमाल होने वाली चीजों से कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
अगर आप भी इस जन्माष्टमी व्रत के दौरान कुछ अलग और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो इन व्यंजनों को अपनी व्रत की थाली में शामिल कर सकते हैं।
जन्माष्टमी के व्रत की बात हो और साबूदाना खिचड़ी का नाम न आए, ऐसा शायद ही हो। यह व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले व्यंजनों में से एक है। इसे बनाना भी काफी आसान है।
साबूदाने को कुछ घंटों के लिए भिगोकर इसमें भुनी हुई मूंगफली, उबले आलू, हरी मिर्च और जीरा मिलाया जाता है। सेंधा नमक और नींबू इसका स्वाद और बढ़ा देते हैं।
व्रत के दौरान इसे बहुत अधिक तेल में पकाने के बजाय थोड़े घी या तेल में तैयार करें। इससे स्वाद भी बना रहेगा और यह अपेक्षाकृत हल्का विकल्प भी रहेगा।
इसे स्वादिष्ट बनाने का तरीका: ऊपर से थोड़ा हरा धनिया, नींबू का रस और भुनी हुई मूंगफली डालकर सर्व करें।
2. मखाना की खीर

जन्माष्टमी के मौके पर मीठे में मखाने की खीर बनाई जा सकती है। मखाना न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसे दूध के साथ मिलाकर एक शानदार मिठाई तैयार की जा सकती है।
सबसे पहले मखानों को हल्का भून लें। इसके बाद इन्हें दूध में डालकर धीमी आंच पर पकाएं। इसमें इलायची और थोड़े से कटे हुए बादाम या काजू डाल सकते हैं।
अगर आप खीर को हल्का रखना चाहते हैं तो मिठास अपनी जरूरत के अनुसार कम रखें।
कब खाएं: इसे शाम के समय या पूजा के बाद प्रसाद के रूप में भी परोसा जा सकता है।
3. कुट्टू के आटे की रोटी

व्रत में रोटी खाने का मन हो तो कुट्टू के आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुट्टू के आटे की रोटी को दही, आलू की सब्जी या व्रत में अनुमत चटनी के साथ खाया जा सकता है।
कुट्टू का आटा सामान्य गेहूं के आटे से अलग होता है और इसकी रोटी बनाते समय थोड़ा अभ्यास जरूरी हो सकता है। आटे को अच्छी तरह गूंथकर छोटी लोई बनाएं और सावधानी से बेलें।
रोटी को अधिक घी में सेंकने के बजाय हल्के घी में पकाएं।
4. समा के चावल की खिचड़ी
व्रत में चावल का विकल्प तलाश रहे हैं तो समा के चावल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इनसे तैयार खिचड़ी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ काफी पेट भरने वाली होती है।
समा के चावल में आलू, मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च और सेंधा नमक डालकर खिचड़ी तैयार की जा सकती है। इसमें थोड़ा घी डालने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
इसे दही के साथ परोसने पर यह एक संपूर्ण व्रत वाले भोजन जैसा महसूस होता है।
5. साबूदाना वड़ा
अगर आपको व्रत में कुछ कुरकुरा खाने का मन करता है तो साबूदाना वड़ा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे साबूदाना, उबले आलू और मूंगफली से तैयार किया जाता है।
वड़े को डीप फ्राई करने के बजाय कम तेल में तवे पर सेंकने का विकल्प भी चुना जा सकता है। इससे तेल की मात्रा कम होगी और वड़ा बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनेगा।
इसे दही या व्रत में अनुमत चटनी के साथ परोसा जा सकता है।
6. सिंघाड़े के आटे का चीला
सुबह के नाश्ते में कुछ हल्का और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो सिंघाड़े के आटे का चीला बनाया जा सकता है।
सिंघाड़े के आटे में पानी मिलाकर घोल तैयार करें। इसमें व्रत में अनुमत सामग्री, हरी मिर्च और सेंधा नमक मिलाएं। इसके बाद तवे पर थोड़ा घी लगाकर चीला सेंक लें।
इसे दही के साथ खाने पर स्वाद और बढ़ जाता है।
7. व्रत वाली आलू की सब्जी

आलू व्रत के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है। लेकिन रोज एक ही तरह से आलू खाने के बजाय इसे अलग तरीके से तैयार किया जा सकता है।
उबले हुए आलू को जीरा, हरी मिर्च, सेंधा नमक और नींबू के साथ हल्का भूनें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा धनिया भी डाला जा सकता है, यदि आपकी व्रत परंपरा इसकी अनुमति देती हो।
इसे कुट्टू की रोटी या समा के चावल के साथ खाया जा सकता है।
8. फ्रूट चाट
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जन्माष्टमी के व्रत में फल जरूर शामिल किए जा सकते हैं, बशर्ते वे आपकी व्रत-परंपरा के अनुसार अनुमत हों। सेब, केला, पपीता, अनार, नाशपाती और मौसमी फलों से स्वादिष्ट फ्रूट चाट बनाई जा सकती है।
फलों को छोटे टुकड़ों में काटकर इसमें नींबू का रस और सेंधा नमक डालें। चाहें तो थोड़े से अनार के दाने डालकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।
यह खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जिन्हें दिनभर भारी भोजन पसंद नहीं आता।
9. दही-मखाना चाट
अगर आपको कुछ झटपट तैयार होने वाला स्नैक चाहिए तो दही और मखाने की चाट बना सकते हैं।
मखानों को हल्का भूनकर ठंडे दही में मिलाएं। इसके ऊपर सेंधा नमक, भुना हुआ जीरा और थोड़ा नींबू का रस डालें।
यह व्यंजन बनाने में ज्यादा समय नहीं लेता और व्रत के बीच भूख लगने पर आसानी से खाया जा सकता है।
10. मखाना रोस्टेड स्नैक
व्रत में बार-बार भूख लगती है तो भुना हुआ मखाना एक आसान स्नैक हो सकता है। मखानों को कड़ाही में हल्का भूनकर इसमें थोड़ा घी और सेंधा नमक डालें।
आप अपनी व्रत परंपरा के अनुसार इसमें जीरा या अन्य अनुमत मसाले भी डाल सकते हैं।
इसे एक एयरटाइट डिब्बे में रखकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाया जा सकता है।
11. साबूदाना थालीपीठ
साबूदाने से सिर्फ खिचड़ी या वड़ा ही नहीं, बल्कि थालीपीठ जैसा व्यंजन भी बनाया जा सकता है। इसके लिए भीगे हुए साबूदाने में उबले आलू, मूंगफली और व्रत में अनुमत मसाले मिलाए जा सकते हैं।
इस मिश्रण को तवे पर हल्के घी में सेंकें। इसे दही के साथ परोसें।
यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो जन्माष्टमी के व्रत में कुछ पारंपरिक लेकिन थोड़ा अलग खाना चाहते हैं।
12. दूध और फलों की स्मूदी
व्रत के दौरान अगर आपको खाना कम और कुछ पीना ज्यादा पसंद है तो दूध और फलों से स्मूदी बनाई जा सकती है।
केला, सेब या अन्य पसंदीदा फल को दूध के साथ ब्लेंड करें। इसमें अतिरिक्त चीनी डालने के बजाय फल की प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, दूध या किसी अन्य सामग्री का सेवन आपकी व्यक्तिगत व्रत परंपरा के अनुरूप होना चाहिए।
13. नारियल-मखाना लड्डू
जन्माष्टमी पर घर में प्रसाद के लिए नारियल और मखाने से छोटे-छोटे लड्डू भी बनाए जा सकते हैं। भुने हुए मखाने को पीसकर इसमें नारियल और मेवों को मिलाया जा सकता है।
मिठास के लिए अपनी पसंद और व्रत के नियमों के अनुसार उपयुक्त सामग्री का इस्तेमाल करें।
इन लड्डुओं को छोटे आकार में बनाकर प्रसाद के रूप में भी परोसा जा सकता है।
14. आलू-मखाना चाट
उबले हुए आलू और भुने हुए मखाने को मिलाकर एक स्वादिष्ट चाट बनाई जा सकती है। इसमें सेंधा नमक, नींबू और व्रत में अनुमत मसालों का इस्तेमाल करें।
अगर आपकी व्रत परंपरा अनुमति देती है तो इसमें थोड़ा दही भी डाल सकते हैं।
यह चाट शाम के समय भूख लगने पर एक अच्छा विकल्प बन सकती है।
15. व्रत वाला रायता
दही से व्रत के दौरान कई तरह के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। मखाना रायता या आलू का रायता आसानी से तैयार किया जा सकता है।
ठंडे दही में उबले हुए आलू या भुने हुए मखाने मिलाएं। इसमें सेंधा नमक और भुना जीरा डालें।
गर्म और मसालेदार व्रत वाले भोजन के साथ ठंडा रायता स्वाद को संतुलित कर देता है।
जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं और क्या ध्यान रखें?
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व्रत के दौरान केवल यह सोचना पर्याप्त नहीं है कि कौन-सी चीज व्रत में खाई जाती है। यह भी जरूरी है कि भोजन कितना और किस तरह खाया जा रहा है।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, यदि आपके व्रत में पानी पीना अनुमत है।
लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन न करें।
फल, दूध, दही और अन्य अनुमत पौष्टिक विकल्पों को भोजन में शामिल करें।
साबूदाना, आलू और तले हुए व्यंजनों की मात्रा संतुलित रखें।
सेंधा नमक का इस्तेमाल करें, यदि आपकी व्रत परंपरा में इसकी अनुमति है।
बहुत अधिक मीठे पेय और मिठाइयों का सेवन करने से बचें।
यदि आप किसी स्वास्थ्य संबंधी कारण से विशेष डाइट पर हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
व्रत की थाली को कैसे बनाएं स्वादिष्ट और संतुलित?
जन्माष्टमी की व्रत वाली थाली को आप अपनी पसंद के अनुसार बेहद खूबसूरती से सजा सकते हैं। इसमें एक मुख्य व्यंजन के रूप में समा के चावल की खिचड़ी या कुट्टू की रोटी रखी जा सकती है। इसके साथ आलू की सब्जी, दही या रायता और फ्रूट चाट शामिल करें।
मीठे में मखाना खीर या कोई हल्की घर की बनी मिठाई रखी जा सकती है। इस तरह आपकी थाली में स्वाद, विविधता और पारंपरिक व्रत के व्यंजनों का अच्छा संतुलन बन जाएगा।
जन्माष्टमी पर भोजन के साथ भक्ति का स्वाद
जन्माष्टमी का व्रत सिर्फ भूखे रहने या कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करने तक सीमित नहीं है। यह श्रद्धा, संयम और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का अवसर है। इसलिए व्रत के भोजन को लेकर भी यही कोशिश होनी चाहिए कि भोजन सरल, सात्विक और आपकी धार्मिक परंपरा के अनुरूप हो।
साबूदाना खिचड़ी से लेकर मखाना खीर, कुट्टू की रोटी, समा के चावल की खिचड़ी और ताजे फलों तक, जन्माष्टमी पर कई स्वादिष्ट विकल्प मौजूद हैं। थोड़ी-सी तैयारी और सही सामग्री के साथ आप ऐसा व्रत रख सकते हैं जिसमें स्वाद भी हो और त्योहार का आनंद भी।
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