जंतर-मंतर पर भारी बवाल, 'संसद चलो' मार्च में पुलिस-छात्रों के बीच तीखी झड़प, 5 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस मार्च को हरी झंडी नहीं दी थी। एहतियात के तौर पर नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है। इसका मतलब है कि इलाके में 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने या जुलूस निकालने पर पूरी तरह पाबंदी है। संसद भवन की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर कटीले तारों और भारी लोहे के बैरिकेड्स की तीन लेयर वाली दीवार खड़ी की गई है।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़प
जैसे ही जंतर-मंतर पर जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर कदम बढ़ाए, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प और धक्का-मुक्की की तस्वीरें भी सामने आईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग का भी सहारा लिया।

दिल्ली मेट्रो पर लगी ब्रेक:
इस बड़े आंदोलन का सीधा असर दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो सेवा पर पड़ा है। डीएमआरसी (DMRC) ने सुरक्षा के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के 5 सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया है:
- राजीव चौक
- केंद्रीय सचिवालय
- पटेल चौक
- जनपथ
- सेवा तीर्थ
इन स्टेशनों के बंद होने और सड़कों पर रूट डायवर्जन की वजह से दफ्तर आने-जाने वाले आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पोस्टर-बैनर के साथ सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी
जंतर-मंतर से आ रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सीजेपी के समर्थक और प्रदर्शनकारी अपने हाथों में घर के बने डिजिटल स्लोगन, हस्तलिखित पोस्टर्स और कलाकृतियां लेकर पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी प्रशासन और सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार गगनभेदी नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

कानून हाथ में लिया तो होगी जेल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली के डीसीपी ने जनता के लिए एक कड़ा संदेश जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के कोई भी प्रदर्शन अवैध माना जाएगा। चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने भी प्रतिबंधित क्षेत्र का उल्लंघन किया या सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और तुरंत हिरासत में लिया जाएगा।
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