महुआरी माइनर की अधूरी खुदाई से किसानों की फसलें जलमग्न
जौनपुर : जौनपुर जिले के बरसठी विकास खंड क्षेत्र में शारदा सहायक नहर प्रणाली के खंड–39 से निकली महुआरी माइनर की अधूरी खुदाई किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। यह माइनर भटहर गांव से निकलकर दतांव, सोतीपुर और खुआवा गांवों से होते हुए बबूरीगांव की सीमा पर पहुंचकर अचानक समाप्त हो जाती है। टेल तक खुदाई न होने के कारण नहर का पानी आगे नहीं बढ़ पाता और आसपास के खेतों व रिहायशी इलाकों में फैल जाता है, जिससे बार-बार जलभराव हो रहा है।
किसानों के अनुसार, करीब 40 वर्ष पूर्व निर्मित इस माइनर की खुदाई केवल खुआवा गांव तक ही कराई गई थी। इसके आगे न तो माइनर का विस्तार हुआ और न ही टेल पर स्थायी जल निकासी की कोई व्यवस्था की गई। नहर में पानी बढ़ते ही ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती है। वहीं ढलान की खराबी और जगह-जगह चूहों द्वारा किए गए बिलों से पानी का रिसाव होता है, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं।
इस समस्या का सबसे अधिक असर खुआवा और बबूरीगांव के किसानों पर पड़ रहा है। कई एकड़ कृषि भूमि में पानी भर जाने से गेहूं, सरसों, मटर, चना, आलू और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। हालात इतने खराब हैं कि किसान खेतों में भरे पानी से आलू छानकर निकालने को मजबूर हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पानी को नाली के माध्यम से बसूही नदी में छोड़ने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन मौर्या बस्ती के पास ढलान दोषपूर्ण होने के कारण पानी पहले ही ओवरफ्लो होकर बस्ती और खेतों में फैल जाता है। इससे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेम मौर्य, शिवमणि मौर्य, घनश्याम मौर्य, बबलू मौर्य, कमलेश मौर्य, कृपाल मौर्य, कमलेश सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह, आशीष शुक्ला, राहुल सिंह, मुन्नीलाल सिंह और प्रवेश शुक्ला सहित दर्जनों किसानों ने नहर विभाग से कई बार टेल की खुदाई और स्थायी जल निकासी की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में नहर विभाग के मेठ जीतलाल यादव ने बताया कि दो दिन पूर्व जलभराव की सूचना मिलने पर भटहर गांव के पास सरायदेवा से महुआरी माइनर को बंद कराया गया था, लेकिन उनके हटते ही कुछ अज्ञात लोगों द्वारा माइनर दोबारा खोल दी गई। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई या ऊपर से नहर का पानी बंद कराने की मांग की है। वहीं एसडीओ नहर विभाग विनय कुमार त्रिपाठी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
रिपोर्टर : ए के मौर्य
No Previous Comments found.