शादियों में बढ़ते दिखावे पर भाजपा नेत्री डॉ. अंजना सिंह ने उठाए सवाल

जौनपुर : भाजपा नेत्री व समाजसेवी डॉ. अंजना सिंह ने वर्तमान दौर में शादियों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शादी जैसे पवित्र संस्कार को आजकल दिखावे और प्रतिस्पर्धा का माध्यम बना दिया गया है, जिससे समाज में अनावश्यक खर्च और आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए डॉ. अंजना सिंह ने कहा कि पहले शादियां सादगी और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होती थीं, लेकिन अब गोदभराई, प्री-वेडिंग शूट, थीम आधारित संगीत और अन्य कार्यक्रमों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह प्रवृत्ति टीवी सीरियल और सोशल मीडिया के प्रभाव से समाज में फैल रही है। उन्होंने कहा कि इस दिखावे की प्रवृत्ति का सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। संपन्न परिवारों की देखा-देखी गरीब लोग भी कर्ज लेकर शादी में खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे परिवार आर्थिक बोझ तले दब जाते हैं।
डॉ. अंजना सिंह ने समाज से अपील करते हुए कहा कि शादी को तमाशा नहीं, बल्कि एक संस्कार के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि फिजूलखर्ची से बचें और उस धन का उपयोग बच्चों की शिक्षा व उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए करें। साथ ही समाज के संपन्न वर्ग से भी सादगीपूर्ण विवाह की पहल करने की अपील की, ताकि गरीब परिवारों पर अनावश्यक सामाजिक दबाव न बने उन्होंने कहा कि यदि समाज मिलकर सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा को बढ़ावा देगा, तो इससे सामाजिक कुरीतियों पर भी अंकुश लगेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी।

रिपोर्टर : लखन यादव

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