जांच में फेल, फिर भी चालू!” — रामपुर का ‘लक्ष्मी हॉस्पिटल’ बना सवालों का केंद्र

जौनपुर : तहसील क्षेत्र के रामपुर नगर पंचायत में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्मी हॉस्पिटल खुलेआम नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 मार्च को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रभात यादव द्वारा अस्पताल की जांच की गई थी। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं—अस्पताल में कोई पंजीकृत डॉक्टर मौजूद नहीं था, आवश्यक वैध कागजात नहीं मिले, और स्वास्थ्य मानकों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था।

जांच के बाद अस्पताल संचालक को तीन दिन का समय दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दिया गया था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो कोई कागजात दिखाए गए और न ही प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई हुई।

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब जांच में अस्पताल पूरी तरह अवैध पाया गया, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या स्वास्थ्य विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिर्जापुर-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित यह अस्पताल धड़ल्ले से चल रहा है, जहां रोजाना मरीजों की भीड़ लगी रहती है। बिना योग्य डॉक्टरों के इलाज और प्रसव जैसे गंभीर कार्य किए जा रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

जनता के तीखे सवाल:
???? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
???? क्या विभागीय मिलीभगत से चल रहा है यह खेल?
???? या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेगा सिस्टम?

स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी अब लोगों के बीच संदेह का विषय बन गई है। क्षेत्रीय जनता ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोगों की जिंदगी से हो रहे इस खिलवाड़ पर रोक लगाई जा सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इस अवैध अस्पताल पर ताला कब लगता है।

रिपोर्टर : सोनू गुप्ता

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