चौपाल में खण्ड विकास अधिकारी बक्शा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
कर्मचारी चौपाल में शोषण के खिलाफ फूटा कर्मचारियों का आक्रोश, समाधान की मांग तेजग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम
जौनपुर - विकास अधिकारी समन्वय समिति जौनपुर के बैनर तले शनिवार को विकास भवन परिसर में क्षेत्रीय कर्मचारी समस्या सुनवाई चौपाल दिवस का आयोजन किया गया। जनपद में प्रथम बार आयोजित कर्मचारी चौपाल में समस्त विकास खण्डों के क्षेत्रीय ग्राम सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर शासन प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही विसंगतियों एवं व्यक्तिगत विभागीय समस्याओं को मुखर रूप से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जौनपुर के अध्यक्ष डॉ0 प्रदीप सिंह एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोशियसन के जिलाध्यक्ष डॉ0 फूलचन्द कनौजिया ने संयुक्त रूप से किया। क्षेत्रीय कर्मचारी चौपाल में सर्वप्रथम विभिन्न विकास खण्डों से आये हुये ग्राम सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारियों ने वर्तमान में उनसे कराये जा रहे गैर विभागीय कार्यो जैसे- फार्मर रजिस्ट्री, पीएम सूर्यघर योजना, फेमिली आई0डी0, आयुष्मान कार्ड, ग्रामीण आजीविका मिशन में अव्यवहारिक लक्ष्य का निर्धारण, निराश्रित गौशालाओं में कृषि, सिचाई, राजस्व, गृह, पशुधन आदि विभागों का कार्य निर्धारण न्यूनतम करते हुए समस्त जिम्मेदारियों के लिए सिर्फ ग्राम सचिव को उत्तरदायी ठहराने की बढ़ती प्रवृत्ति आदि पर गहरी चिन्ता व्यक्त की गयी तथा ग्राम पंचायतों में आ रही विभिन्न समस्याओं एवं सेवा सम्बन्धी प्रकरणों पर लिखित एवं मौखिक रूप से उनके निराकरण हेतु उपस्थित पदाधिकारियों को अपना प्रत्यावेदन दिया गया। उपस्थित सदस्यों द्वारा अवगत कराया गया कि दूसरे विभागों के कार्य करने एवं अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन वीडियों कॉन्फ्रेसिंग एवं विकास खण्डों पर बैठक बुलाने से मूल विभागीय कार्य, कर्मचारियों का स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत पारिवारिक एवं विभागीय हित भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि जनपद में ग्राम पंचायतों के क्लस्टर का आवंटन मनमाने ढंग से किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों में कार्य का संतुलन और असमानता बढ़ रही है। उपस्थित सदस्यों ने बताया कि त्यौहार और रविवार जैसे अवकाश के दिनों में भी उनसे कार्य कराया जा रहा है जो उनके मौलिक अधिकारों का हनन है, अधिकांश कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति वर्षो से लम्बित है, जबकि ए0सी0पी0, एरियर और वेतन वृद्धि बिना किसी स्पष्ट कारण के रोकी जा रही है जिससे हम सभी मानसिक तनाव, अवसाद एवं विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे है। बैठक में मनरेगा एवं एस0एल0डब्लू0एम0 की योजनाओं में शासनादेश के विपरीत कार्य कराये जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। वि0ख0 बक्शा के खण्ड विकास अधिकारी शुभम बरनवाल द्वारा ग्राम सचिव से बैठक में दुर्व्यवहार करने की सूचना सदन में दिये जाने पर उनके विरूद्ध सदन में उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे डॉ0 प्रदीप सिंह ने कहा कि जब संगठन मौन हो जाता है तब शासन प्रशासन मनमानी पर उतर आता है उन्होने कहा कि क्षेत्रीय कर्मचारियों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा तथाा इनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जायेगा। अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को कर्मचारी समस्या चौपाल दिवस का आयोजन जनपद में होगा।
चौपाल को सम्बोधित करते हुए डॉ0 फूलचन्द कनौजिया ने कहा कि यह आयोजन केवल समस्याओं को गिनाने का मंच नहीं है बल्कि कर्मचारियों के सामूहिक संकल्प शक्ति का प्रतीक है। उन्होने कहा कि अकेली आवाज दब सकती है लेकिन सामूहिक आवाज नीतियां बदलने की ताकत रखती है। यदि समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो चौपाल को आन्दोलन का रूप देने में समय नहीं लगेगा।
कर्मचारी चौपाल में अशोक कुमार मौर्य, विजयभान यादव, दुर्गेश तिवारी, रणजीत सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, विजय द्विवेदी, सरिता पाल, संतोष दूबे, लक्ष्मीचन्द, डॉ0 रामकृष्ण यादव, रामजी सिंह, धनन्जय सिंह, आनन्द मिश्रा, धर्मेन्द्र राय, उमेश सोनकर, देवेन्द्र सिंह, साजिद अंसारी, राजेश कुमार यादव, रत्नेश सोनकर, राधेश्याम यादव, नागेन्द्र कुमार यादव, दिनेश राजभर, राजकुमार पाण्डेय, विश्राम बिन्द, विपिन राय, विनीत सिंह, आलोक सिंह, अनूप दीक्षित, प्रवीण सिंह, हरिहर लाल, महेश तिवारी, सीमा यादव, शिवानी श्रीवास्तव, अजय मिश्र, अमित सिंह आदि सैकड़ो पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिलामंत्री विजयभान यादव द्वारा किया गया।
संवाददाता - कृपा शंकर यादव

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