जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह

जौनपुर  : जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि रहीं। समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को 83  स्वर्ण पदक एवं  339 उपाधियां प्रदान की गईं।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना है। डिग्री तभी सार्थक होगी, जब उससे अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में किया जाए।उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका और शोध जैसे क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक सरोकारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण जैसे अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं। राज्यपाल ने कहा कि युवा यदि ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेंगे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

शिक्षा के साथ संस्कार जरुरी
समारोह को संबोधित करते हुए एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई शुरुआत का पड़ाव है। अब छात्र-छात्राएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और ज्ञान से योगदान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, ईमानदारी, सदाचार और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है।
मेजर गौतम ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रयोग से बचने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
मेस में खाने की गुरुणतता से नाराज बोली कालेज के ;लोग खाना को करे चेक

राज्यपाल आनंदी बेल पटेल ने छात्रों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए कहा कि हास्टल के मेस में जो खाना बन रहा है उसकी गुरुणवत्ता ठीक नही है।  क्योकि इस खाना को बनाने के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दी गयी है. इस नाते वो इस्क्पायार डेट की भी सामान लाकर खिला डेटा है जिससे छात्रो के स्वास्थ्य पर सीधा असर देखा जाता है। अभी तक कुछ छात्र बाहर जाकर खाते थे लेकिन अब कोई भी छात्र बाहर से जाकर नही खायेगा।उन्होने कुलपति को इशारा करते हुए कहा कि यहा खाना बनेगा उसको यहा के जिम्मेदार चेक  करेगे। हम यहा के लोगो से अपील करना चाहते है बाहर से राशन लीजिये एक्सपायर चेक करिए , पनीर को जाँच कर अच्छे दुकान से लें जहा पर मिलावटी न मिलती हो।  


राज्यपाल ने विश्विद्यालय में गिनाई खामिया

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय में हो रही तमाम खामियों को सबके सामने उजागर किया उन्होंने कहा कि हास्टल में वाशिंग ,मशीन सुविधा कम है। कपडे सुखाना की व्यवस्था नही है।  सीबी रमण हास्टल में पर्याप्त उजाले की व्यवस्था नही है।हास्टल में साफ सफाई नही है।  कैम्पस में छोटे बड़े सब काम बजट के आभाव में रुके पड़े है। कारगिल दिवस पर विश्वविद्यालय पर कार्यक्रम न होने से नाराजगी व्यक्त करते हुए कुलपति से इसका जवाब माँगा है।   भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बनाया गया डीजी लाकर राज्यपाल  ने कहा कि पहले मार्कशीट में नाम गलत हो जाते थे या और भी कुछ त्रुटी हो जाती थी उसको सही कराने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे , औ बिना पैसा दिए कोई भी काम नही होता था लेकिन उसको रोकने के लिए डीजी लाकर लाया गया जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।  उन्होंने कहा कि जब मै गुजरात में शिक्षामंत्री थी उस समय करीब 25 हजार फर्जी डिग्रियों को जलवाया था।  जो शिक्षक फर्जी डिग्री के सहारे अध्यापक बने थे , फर्जी डिग्री को रोकने के लिए लाकर लाया गया है।

रिपोर्टर : शशिकांत मौर्य

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