लापरवाही का गड्ढा बना काल: पानी से भरे बोरवेल गड्ढे में डूबे दो मासूम, गांव में मातम
जौनपुर - बरसठी स्थानीय थाना क्षेत्र के गारोपुर गांव में बुधवार की शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। खेत में बोरवेल के लिए खोदे गए करीब पांच फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। चंद मिनट पहले तक खेल रहे मासूम देखते ही देखते मौत की आगोश में समा गए। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी बड़ेलाल गौतम ने करीब तीन दिन पहले अपने खेत में पम्पसेट लगवाने के लिए बोरवेल कराया था। बोरवेल में पानी डालने के उद्देश्य से उसके बगल में करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। लगातार बारिश के कारण उसमें पानी भर गया था,लेकिन गड्ढे की न तो घेराबंदी की गई थी और न ही कोई चेतावनी का इंतजाम था।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे गांव के अधिकांश लोग धान की रोपाई में जुटे थे। महिलाएं खेत में रोपाई कर रही थीं, जबकि अन्य सदस्य ठेले पर धान का बिया लेकर खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अनिल बिन्द का पांच वर्षीय पुत्र आरव बिन्द और वीरेंद्र बिन्द का छह वर्षीय पुत्र शिवा भी खेत तक गए थे। कुछ देर बाद दोनों मासूम अकेले ही घर की ओर लौटने लगे। रास्ते में बोरवेल के पास बने पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंचकर खेलते-खेलते उसमें गिर गए। आसपास कोई मौजूद न होने के कारण दोनों गहरे पानी में डूब गए। जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू हुई। खोजबीन के दौरान एक ग्रामीण की नजर गड्ढे में पड़ी, जहां दोनों मासूम पानी में तैरते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर पहले कटवार बाजार के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें भदोही जनपद के सुरियावां स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही बरसठी थाना प्रभारी जय प्रकाश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। सीओ मड़ियाहूं,थानाध्यक्ष मीरगंज अरविन्द कुमार सिंह,उपजिलाधिकारी नवीन कुमार,तहसीलदार रवि रंजन, हल्का लेखपाल प्रमोद काकरान तथा लेखपाल अपील कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। तहसीलदार रवि रंजन ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दोनों मृतक बच्चों के परिजनों को आपदा राहत मद से सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
मृतक शिवा के पिता वीरेंद्र बिन्द वाराणसी में एक निजी दुकान पर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही वह बदहवास हालत में गांव पहुंचे। वहीं आरव अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि यदि पानी से भरे गड्ढे की समय रहते घेराबंदी कर दी गई होती, तो शायद दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से खुले गड्ढों की तत्काल घेराबंदी कराने और जिम्मेदार लोगों के प्रति लापरवाही न बरतने की मांग की है।
रिपोर्टर - अनुपम कुमार मौर्य
No Previous Comments found.