रक्षाबंधन पर खाकी की कलाई पर सजी स्नेह की डोर, लायंस क्लब खुशबू ने निभाया भाई-बहन का रिश्ता
जौनपुर : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर लायंस क्लब शाहगंज खुशबू की ओर से कोतवाली परिसर में पुलिसकर्मियों के साथ आत्मीयता, सम्मान और भाईचारे का पर्व मनाया गया। क्लब अध्यक्ष लायन ज्योति गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष लायन खुशबू जायसवाल, सचिव लायन डॉ. सौम्या अग्रहरी एवं कोषाध्यक्ष लायन नेहा गुप्ता ने पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह, क्राइम इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार यादव तथा हेड कांस्टेबल जितेंद्र पांडेय, सुनील यादव और अनूप सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
इस अवसर पर कोतवाली परिसर स्नेह और अपनत्व से भर उठा। क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी परिवार से दूर रहकर भी समाज की सुरक्षा को अपना कर्तव्य मानते हैं, इसलिए उनकी कलाई पर राखी बांधना सम्मान की बात है।
पुलिसकर्मियों ने सराहना करते हुए आभार जताया और कहा कि ऐसे आयोजन पुलिस तथा आमजन के बीच विश्वास और सहयोग की डोर को और मजबूत करते हैं।
कृष्ण-द्रौपदी की कथा ने याद दिलाई रक्षा के रिश्ते की शक्ति
भारतीय संस्कृति में रक्षा का यह भाव केवल एक धागे तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और अपनत्व का प्रतीक रहा है। महाभारत की प्रसिद्ध कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपने वस्त्र का टुकड़ा फाड़कर उनकी अंगुली पर बांध दिया था।
मान्यता है कि इस स्नेह और आत्मीयता के भाव को श्रीकृष्ण ने जीवनभर याद रखा और द्रौपदी के संकट के समय उसकी रक्षा के लिए खड़े हुए। यह प्रसंग रक्षाबंधन की भावना को समझाने वाली लोकप्रिय सांस्कृतिक कथा है, हालांकि इसे श्रीमद्भगवद्गीता में रक्षाबंधन के प्रसंग के रूप में वर्णित नहीं किया गया है।
श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं— “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्।” अर्थात सज्जनों की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए भगवान का अवतार होता है।
इसी रक्षा और कर्तव्य की भावना को कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान से जोड़ा गया। लोक कहावत है— “रिश्ते खून से ही नहीं, विश्वास से भी बनते हैं।”
राखी की यह डोर संदेश देती है कि जो समाज की रक्षा में दिन-रात खड़े रहते हैं, उनके प्रति समाज का स्नेह, सम्मान और विश्वास भी उतना ही जरूरी है।
राखी के धागे में सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश
कार्यक्रम में संस्था के गाइडिंग लायन एवं रीजन चेयरपर्सन एमजेएफ लायन मनीष कुमार अग्रहरी तथा लायन अंकित गुप्ता (रोमिल) समेत क्लब के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहकर आमजन की खुशियां और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ऐसे में उनके साथ रक्षाबंधन मनाना समाज की ओर से उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का सहज और भावपूर्ण माध्यम है।
महाभारत का संदेश भी यही है कि संकट के समय साथ खड़ा होना ही सच्चे रिश्ते की पहचान है। “बूंद-बूंद से सागर भरता है” की लोक उक्ति की तरह समाज में किए गए छोटे-छोटे सेवा कार्य विश्वास का बड़ा सेतु बनाते हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पुलिस और जनता के बीच संबंध केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदना और मानवीय रिश्तों से भी मजबूत होते हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर कोतवाली में बंधी राखियों ने खाकी और समाज के बीच भरोसे की ऐसी डोर बांधी, जिसमें सेवा, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
रिपोर्टर : दीपक सिंह / दिवाकर मिश्रा
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