बस्तर में हाई कोर्ट खंडपीठ के लिए आर-पार की जंग: संभाग स्तरीय आंदोलन का शंखनाद
जगदलपुर - बस्तर की दशकों पुरानी मांग 'उच्च न्यायालय खंडपीठ' को लेकर अब जन-आंदोलन की तैयारी है। बस्तर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य झा ने पत्रकार वार्ता में ऐलान किया कि इस मांग को लेकर जल्द ही पूरे संभाग में एक बड़ा और गैर-राजनीतिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। सर्वसमाज की भागीदारी: इस आंदोलन में केवल वकील ही नहीं, बल्कि व्यापारी संगठन, परिवहन संघ और बस्तर के सभी समाजों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
ऐतिहासिक तर्क : श्री झा ने बताया कि 1943 से 1948 के बीच जगदलपुर में हाई कोर्ट की खंडपीठ सफलतापूर्वक संचालित थी,जिसे रियासतों के विलीनीकरण के समय नागपुर में मिला दिया गया था। सुलभ न्याय का अधिकार: आंदोलन का मुख्य उद्देश्य बस्तर के लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाना है, ताकि उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर बिलासपुर न जाना पड़े।
अगली रणनीति: जल्द ही एक विशेष बैठक बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा और नेतृत्व का फैसला लिया जाएगा।बस्तर का अपना न्यायिक इतिहास रहा है। 15 साल पहले भी हमने आवेदन किया था, जिसे कोर्ट ने तब निरस्त कर दिया था। अब समय आ गया है कि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना हक मांगें।" विक्रमादित्य झा,अध्यक्ष (बस्तर जिला अधिवक्ता संघ) उपस्थिति: पत्रकार वार्ता में संघ के सचिव संतोष चौधरी, उपाध्यक्ष अवधेश झा, प्रीति वानखेड़े समेत कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
रिपोर्टर - विवेक सोनवानी

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