पैचवर्क की औपचारिकता में उलझा पी डब्ल्यू डी

झकनावदा  :  झकनावदा–टीमाइची मार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा खतरे में बदल चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग हर बार “पैचवर्क” के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाता है, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह वही मार्ग है जिसे कुछ वर्ष पूर्व आचार्य श्री महाश्रमण जी महाराज साहब के झकनावदा मंगल प्रवेश के समय तत्कालीन सांसद इंजीनियर गुमानसिंह डामोर के हस्तक्षेप से कुछ ही घंटों में डामर सड़क में तब्दील कर दिया गया था। उस समय प्रशासन की तत्परता देखने लायक थी, लेकिन आज वही सड़क फिर से बदहाली की कगार पर पहुंच गई है।

हर कदम पर खतरा, जिम्मेदार बेखबर

मार्ग पर बने गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है, जब गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग केवल औपचारिक मरम्मत कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।

जनता का सवाल – कब जागेगा प्रशासन?

क्षेत्रवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा होना तय है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब वीआईपी आगमन के समय सड़क कुछ ही घंटों में बन सकती है, तो आम जनता के लिए वही तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती?

प्रशासन पर बढ़ा दबाव

अब यह मुद्दा सिर्फ एक सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह बन चुका है। यदि जल्द ही इस मार्ग का पूर्ण और गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं किया गया, तो यह मामला बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। 

सरकार और PWD विभाग दोनों के लिए चेतावनी

झकनावदा–टीमाइची मार्ग की स्थिति सरकार और PWD विभाग दोनों के लिए चेतावनी है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते जागते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होती है।

रिपोर्टर : मनीष कुमट

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