भूरीघाटी तालाब में डूबे युवक का दूसरे दिन मिला शव, घंटों चले रेस्क्यू के बाद सफलता
झाबुआ : झकनावदा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भेरूपाड़ा के ग्राम भूरीघाटी में 2 अगस्त,रविवार को हुए दर्दनाक हादसे का सोमवार 3 अगस्त को दुखद अंत हुआ। तालाब में नहाने के दौरान डूबे युवक वरसिंह पिता कालू दायमा (उम्र 47 वर्ष ) निवासी भूरीघाटी का शव दूसरे दिन चले रेस्क्यू अभियान के दौरान बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
रविवार को वरसिंह नहाने को उतरे थे तालाब में
जानकारी के अनुसार, रविवार को वरसिंह नहाने के लिए भूरीघाटी तालाब में उतरे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते पानी में लापता हो गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब किनारे एकत्र हो गए तथा तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी सुरेन्द्रसिंह सिसोदिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया।
पहले दिन रेस्क्यू टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने कई घंटों तक लगातार तालाब में तलाश की, लेकिन तालाब की अधिक गहराई, सीमित दृश्यता और अंधेरा होने के कारण युवक का शव नहीं मिल सका। परिस्थितियों को देखते हुए देर शाम अभियान स्थगित करना पड़ा।
सोमवार सुबह मिला रेस्क्यू के दौरान मिला शव
सोमवार सुबह एक बार फिर रेस्क्यू टीम पूरे संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची और व्यवस्थित तरीके से दोबारा तलाश अभियान शुरू किया। टीम ने धैर्य, सूझबूझ और लगातार प्रयास करते हुए कुछ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव तालाब से बाहर निकाल लिया। शव मिलने के बाद मौजूद ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम हो गईं।
रेस्क्यू टीम की सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण अभियान में रेस्क्यू टीम ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पूरी तत्परता, साहस और समर्पण के साथ लगातार प्रयास जारी रखे। गहरे पानी और कठिन परिस्थितियों के बीच टीम ने हार नहीं मानी और दूसरे दिन सफलता हासिल कर शव बरामद किया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पूरे अभियान के दौरान सहयोग किया। ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम, पुलिस प्रशासन और बचाव कार्य में लगे सभी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। बाद शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को विवेचना में ले लिया है तथा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे भूरीघाटी गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गहरे तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा लोगों से बरसात के मौसम में गहरे पानी में उतरने से बचने की अपील की है।
रिपोर्टर : मनीष कुमट
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