“मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान ने चौथे वर्ष में रखा कदम, 1100 पौधों के वितरण का संकल्प
झकनावदा : पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम झकनावदा में चलाया जा रहा “मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। अभियान के तहत इस वर्ष 1100 पौधों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल पौधे लगाने पर ही जोर नहीं दिया जा रहा, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी जिम्मेदारीपूर्वक देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया जा रहा है।
तीन वर्षों से लगातार जारी है पर्यावरण संरक्षण की मुहिम
ग्राम पंचायत झकनावदा में पिछले तीन वर्षों से वरिष्ठ समाजसेवी एवं अभियान संयोजक हेमेंद्र कुमार जोशी की विशेष पहल से “मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से अब तक सार्वजनिक स्थलों, मंदिर परिसरों, धार्मिक स्थलों सहित विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में पौधों का वितरण एवं पौधारोपण किया जा चुका है। अभियान से जुड़े लोगों का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को सुरक्षित रखते हुए उसे एक मजबूत वृक्ष के रूप में विकसित करना है। यही कारण है कि इस वर्ष भी पौधों के वितरण के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने वाले लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
1100 पौधों का होगा निःशुल्क वितरण
इस वर्ष शनिवार को मैं भी पेड़ लगाऊंगा अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिसमें समाज सेवी श्रेणिक कोठारी,भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष परीक्षित सिंह राठौर, पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजेश कांसवा,राजेंद्र मिस्त्री, सचिव विनोद देवदा,संजय व्यास, फकीरचंद माली ने पौधे वितरण कर आयोजन का श्री गणेश किया अभियान के तहत 1100 पौधे ग्रामीणों एवं पौधारोपण के इच्छुक लोगों को निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। जिन लोगों को पौधों की आवश्यकता है, उन्हें पौधे उपलब्ध कराकर अपने घर, खेत, सार्वजनिक स्थान अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पौधा वितरित के दौरान दिलवाया संकल्प
पौधा वितरण के दौरान लोगों को यह संकल्प भी दिलाया जा रहा है कि वे पौधे को लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल करेंगे, समय पर पानी देंगे और उसे सुरक्षित रखते हुए बड़ा करेंगे। अभियान का संदेश है कि पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना वास्तविक जिम्मेदारी है।
“पौधे को पुत्र की तरह पालेंगे”
अभियान के दौरान पौधे लेने वाले लोगों को संकल्प दिलाया जा रहा है कि वे जिस पौधे को अपने साथ ले जा रहे हैं, उसे विधिवत लगाने के बाद उसकी देखरेख अपने पुत्र की तरह करेंगे। पौधे को नियमित पानी देने, उसे पशुओं से बचाने, समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था करने तथा उसके विकास पर ध्यान देने का संकल्प लिया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने लगाए गए पौधे को केवल पौधा न समझकर परिवार के सदस्य की तरह उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में गांव और आसपास का क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो सकता है।
प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण संदेश से प्रेरणा
देश में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार लोगों को पौधारोपण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे जनभागीदारी आधारित अभियानों के माध्यम से देशभर में आम नागरिकों को पौधारोपण से जोड़ने का प्रयास किया गया है। झकनावदा में चल रहा “मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान भी इसी भावना को स्थानीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री के हरित प्रदेश के संकल्प को भी मिलेगा बल
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने को लेकर लगातार जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में ग्राम स्तर पर लोगों की सहभागिता से संचालित “मैं भी पेड़ लगाऊंगा” जैसे अभियान प्रदेश के हरित एवं स्वच्छ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्थानीय स्तर पर होने वाली ऐसी पहल शासन के पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में भी सहायक साबित होती हैं।
इस वर्ष की तैयारियों को लेकर आयोजक समिति से होगी चर्चा
अभियान के चौथे वर्ष में प्रवेश के साथ ही इस बार 1100 पौधों के वितरण को लेकर आयोजक समिति द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पौधों की उपलब्धता से लेकर उनके वितरण और पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल तक विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान से जुड़े आयोजकों एवं कार्यकर्ताओं का कहना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी स्वयं उठाए।
पिछले वर्षों में लगाए पौधों की भी होगी पड़ताल
इस वर्ष अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में लगाए गए पौधों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। जिन महानुभावों एवं ग्रामीणों ने पूर्व वर्षों में पौधे लगाए थे, उनसे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि आज उनके द्वारा लगाए गए पौधे किस स्थिति में हैं। कई स्थानों पर पौधे अब बड़े होकर पेड़ का रूप ले रहे हैं, वहीं अभियान से जुड़े लोगों द्वारा ऐसे पौधों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे अन्य लोग प्रेरणा ले सकें।
हर व्यक्ति लगाए एक पौधा, यही अभियान का उद्देश्य
“मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान का मूल उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। आयोजकों का कहना है कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
पौधे हमें केवल छाया ही नहीं देते, बल्कि पर्यावरण संतुलन, स्वच्छ हवा और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पौधारोपण को केवल एक कार्यक्रम न बनाकर इसे जन-अभियान और सामाजिक जिम्मेदारी का रूप देना जरूरी है। “मैं भी पेड़ लगाऊंगा” अभियान के चौथे वर्ष में 1100 पौधों के वितरण का यह संकल्प निश्चित रूप से झकनावदा क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
रिपोर्टर : मनीष कुमट
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