ओंकारेश्वर से दौड़कर 212 किमी का सफर तय कर श्रृंगेश्वर महादेव को अर्पित किया नर्मदा जल
झकनावदा : श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था, भक्ति और संकल्प का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री काल भैरव तूफानी कावड़ यात्रा के 50 से अधिक कावड़ियों ने धार जिले के कुमारियाखेड़ी एवं भानगढ़ क्षेत्र से ओंकारेश्वर पहुंचकर पवित्र नर्मदा जल कावड़ में भरा और डाक कावड़ के माध्यम से दौड़ते हुए 212 किलोमीटर का सफर महज 12 घंटे में पूरा कर झाबुआ जिले के झकनावदा क्षेत्र स्थित श्रृंगेश्वर महादेव (केसरपुरा) धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
मध्यरात्रि 1:30 बजे ओंकारेश्वर से शुरू हुई यात्रा
डाक कावड़ यात्रा का शुभारंभ रविवार मध्यरात्रि करीब 1:30 बजे ओंकारेश्वर से हुआ। कावड़ियों ने पवित्र नर्मदा जल कावड़ में भरा और भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ यात्रा प्रारंभ की। यात्रा के दौरान कावड़ को जमीन पर रखे बिना श्रद्धालु बारी-बारी से दौड़ते हुए उसे आगे बढ़ाते रहे। 212 किलोमीटर की लंबी दूरी को मात्र 12 घंटे में पूरा करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, समर्पण और दृढ़ संकल्प के चलते कावड़ियों ने यह कठिन यात्रा पूरी कर ली।
श्रृंगेश्वर धाम पहुंचते ही गूंजा हर-हर महादेव
कावड़ियों के श्रृंगेश्वर महादेव धाम पहुंचते ही मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा। कावड़ियों ने ओंकारेश्वर से लाए गए पवित्र नर्मदा जल से भगवान श्रृंगेश्वर महादेव का विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव से जलाभिषेक किया।
जल अर्पण के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी कावड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए।
देश में सुख-शांति और किसानों की अच्छी फसल की मांगी कामना
कावड़ यात्रा पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रृंगेश्वर महादेव से देश में सुख-शांति, अमन-चैन, खुशहाली और समृद्धि की कामना की। साथ ही क्षेत्र में अच्छी बारिश होने तथा किसानों की फसल अच्छी होने की प्रार्थना की। कावड़ियों ने कहा कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और विश्वास ही उन्हें इतनी लंबी दूरी दौड़कर तय करने की शक्ति देता है। उनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संकल्प, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है।
भक्ति के साथ फिटनेस और अनुशासन का संदेश
डाक कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ अनुशासन, आपसी सहयोग, साहस और शारीरिक क्षमता का भी परिचय दिया। 212 किलोमीटर की दूरी को 12 घंटे में पूरा करने के लिए कावड़ियों ने रास्तेभर बारी-बारी से दौड़ लगाकर कावड़ को आगे बढ़ाया। यात्रा पूरी होने के बाद कावड़ियों के चेहरों पर थकान के साथ संकल्प पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। भगवान श्रृंगेश्वर महादेव को जल अर्पित करने के साथ ही डाक कावड़ यात्रा का समापन हुआ।
हजारों कावड़ियों ने पहुंचकर किए श्रृंगेश्वर महादेव के दर्शन
श्रावण मास के दूसरे सोमवार को झाबुआ जिले के करवड़, बनी, सेमरोड, दूधी, दूधी पटेल फलिया, झकनावदा, कुंभाखेड़ी, बिजोरी सहित आसपास के अनेक गांवों से महिला, पुरुष एवं बच्चे बड़ी संख्या में कावड़ यात्रा लेकर श्रृंगेश्वर महादेव धाम पहुंचे। विभिन्न गांवों से निकली कावड़ यात्राएं झकनावदा पहुंचीं, जहां झकनावदा मित्र मंडल की ओर से कावड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी हेमेंद्र कुमार जोशी, समाजसेवी श्रेणिक कोठारी, मंडल उपाध्यक्ष परीक्षित सिंह राठौर, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, पंडित राम जोशी, सोहन माली, सुरेश राठौड़, भरत लाल प्रजापत, विकास जोशी सहित अन्य लोगों ने कावड़ यात्रियों को दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान कावड़ यात्रियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। आयोजकों एवं समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं की सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
आस्था के सैलाब से भक्तिमय हुआ श्रृंगेश्वर धाम
श्रावण सोमवार के अवसर पर श्रृंगेश्वर महादेव धाम में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। हर ओर कावड़ियों की टोलियां, भगवा ध्वज और ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे सुनाई दिए। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर क्षेत्र, परिवार एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धा, संकल्प और शिवभक्ति के इस अद्भुत संगम ने श्रावण के दूसरे सोमवार को श्रृंगेश्वर महादेव धाम को पूरी तरह शिवमय बना दिया।
रिपोर्टर : मनीष कुमट
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