पर्व पर्युषण के पांचवें दिन जन्मवाचन आयोजन हर्षोल्लास के साथ मनाया

झकनावदा : नगर के श्री केसरियानाथ जैन देरासर में इन दिनों पर्युषण पर्व की धार्मिक एवं आध्यात्मिक धूम देखने को मिल रही है। पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन जैन समाजजनों द्वारा विभिन्न धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की जा रही है। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। पर्युषण पर्व के पांचवें दिवस बुधवार को कल्पसूत्र के जन्मवाचन के साथ भगवान श्री महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक का आयोजन हर्षोल्लास एवं धार्मिक उल्लास के साथ किया गया। जन्मवाचन के अवसर पर समाजजनों ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजन में भाग लिया। भगवान महावीर स्वामी के जन्म प्रसंग का वाचन होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की जयकारे लगाए और वातावरण भगवान महावीर के जयघोष से गूंज उठा।

14 स्वप्नों का समाजजन ने बढ़-चढ़ कर लिया चढ़ावा

कल्पसूत्र में भगवान जन्मवाचन आयोजन के दौरान भगवान महावीर स्वामी के जन्म से जुड़े 14 स्वप्नों का चढ़ावा समाजजनों द्वारा श्रद्धापूर्वक लिया गया। चढ़ावे के दौरान समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक विधि-विधान एवं भक्ति भाव के साथ चढ़ावे की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

बैंड-बाजों के साथ निकला भव्य वरघोड़ा

जन्मवाचन आयोजन के पश्चात बैंड-बाजों के साथ भगवान महावीर स्वामी के जन्म प्रसंग की खुशी में भव्य वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े में 14 स्वप्नों को आकर्षक रूप से शामिल किया गया।भक्तिमय वातावरण में निकले वरघोड़े में समाजजन उत्साह के साथ शामिल हुए। बैंड की मधुर धार्मिक धुनों और भगवान महावीर के जयकारों से नगर का माहौल धर्ममय हो गया। वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला। महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मार्ग में भगवान महावीर स्वामी के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

देरासर पहुंचकर हुई विशेष आराधना

नगर भ्रमण के पश्चात भव्य वरघोड़ा पुनः श्री केसरियानाथ जैन देरासर पहुंचा। यहां पहुंचने पर श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक विधि-विधान के साथ विशेष आराधना की गई। मंदिर परिसर में भगवान श्री आदिनाथ, मंगल दीवों, गौतम स्वामीजी, आचार्य श्री राजेंद्र सूरीजी महाराज एवं श्री नाकोड़ा भैरव देव की महा आरती के चढ़ावे बोले गए।
महा आरती के चढ़ावे में समाज के लाभार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। लाभार्थियों द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से आरती उतारी गई। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। इस दौरान श्वेताम्बर मूर्ति पूजक जैन श्रीसंघ के द्वारा सकल जैन संघ का स्वामीवत्सलय भी आयोजित किया गया। इसी कड़ी में रात्रि में शैतानमल कुमट द्वारा संध्या काल वाली भगवान श्री आदिनाथ भगवान की आरती का चढ़ावा लिया। जहा सकल श्रीसंघ कुमट परिवार के निवास पर पहुंचा जहां से ढोल धमाकों के साथ कुमारपाल बने शैतानमल कुमट व रानी बनी श्रीमती मीना कुमट परिवार को सिरवी मोहल्ला होते हुए सदर बाजार होकर स्थानीय श्री केसरियानाथ जिनालय लाया गया। वहाँ कुमारपाल राजा व रानी ने धुलेवा धणी दादा आदिनाथ भगवान की 108 द्वीप के साथ महाआरती उतारी। वही मंगलदीवा आरती उतारी। जहाँ सकल श्रीसंघ की बहने पुरुषों ने अपने अपने हाथ में अपने घर से लाये मिट्टी के दिये में एक जुट होकर परमात्मा की आरती उतारी। 

इन्होंने लिया बढ़ चढ़ कर चढ़ावा

जन्म वाचन पश्चात भगवान श्री आदिनाथ की आरती का चढ़ावा झमकलाल-भेरुलाल मांडोत परिवार,मंगल देवा आरती का लाभ कनकमलजी,हुकमीचंद,बाबूलाल मांडोत परिवार,गौतम स्वामीजी की आरती का लाभ ओमप्रकाश,विक्की,अर्पित सेठिया परिवार,राजेंद्र सूरीजी की आरती का लाभ ओम प्रकाश,विक्की,अर्पित सेठिया परिवार,श्री नाकोड़ा भैरव देव की आरती का लाभ संजय कुमार,अजित कुमार मेहता झकनावदा (हाल मुक़ाम राजगढ़) परिवार, माँ लक्ष्मी जी को सिर पर उठाकर नगर भ्रमण करवाने का लाभ बबलू मांडोत परिवार ने लिया। वही  भगवान जन्मवाचन के पश्चात केसर से प्रथम छापे लगाने का चढ़ावा अजित कुमार मेहता परिवार ने लिया। प्रथम पलाना झुलाने का चढ़ावा दिलीप कुमार (दिल्लू सेठ) मांडोत परिवार ने लिया।

प्रतिदिन हो रहे धार्मिक आयोजन

पर्युषण पर्व के दौरान श्री केसरियानाथ जैन देरासर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समाजजन मूलनायक भगवान धुलवा धणी दादा श्री आदिनाथ भगवान की केसर पूजा सहित प्रतिदिन श्रावक द्वारा श्री केसरियानाथ भगवान की आकर्षक अंग रचना की जा रही है। विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में सहभागी बन रहे हैं। इसके साथ ही श्रीसंघ के आग्रह पर पधारे आराधक ऋषभ जैन चौहमेला (राजस्थान), कल्प जैन चौहमेला (राजस्थान), अमन जैन द्वारा प्रतिक्रमण, प्रवचन, आरती एवं भक्ति सहित अनेक धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन आयोजित जन्मवाचन एवं भव्य वरघोड़े ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। आयोजन में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भगवान महावीर स्वामी के जीवन एवं उनके द्वारा दिए गए सत्य, अहिंसा, संयम और करुणा के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। देरासर में देर तक धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भक्ति एवं आराधना में लीन नजर आए।

सफल आयोजन में इनका रहा सराहनीय योगदान

इस दौरान संपूर्ण सफल आयोजन में झमकलाल मांडोत,शैतानमल कुमट,दिलीप कुमार मांडोत,बाबूलाल मांडोत,हुकमीचंद मांडोत,निर्मल कुमार मांडोत,प्रकाशचंद्र मांडोत,शंभूलाल सेठिया,ओमप्रकाश सेठिया, नानालाल मांडोत,प्रीतेश (लालू) मांडोत,बबलू मांडोत,महावीर सेठिया,विक्की सेठिया,राकेश सेठिया,अर्जुन सेठिया,रोशन सेठिया,बाबूलाल सेठिया आदि परिवारों का विशेष सहयोग किया गया।

 रिपोर्टर : मनीष कुमट 

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