धतुरिया में गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, दौड़ में उमड़ा जनसैलाब
धतुरिया/पेटलावद : अणुव्रत विश्व भारती समिति के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देशभर में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्ति परिवार अभियान’ के अंतर्गत रविवार को अणुव्रत समिति बोलासा-धतुरिया के तत्वावधान में ग्राम धतुरिया में नशा मुक्ति दौड़ का आयोजन किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान पूरे गांव में ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर नशा मुक्ति दौड़ को रवाना करने के साथ हुआ। दौड़ ग्राम के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रास्तेभर ग्रामीणों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। हाथों में नशा मुक्ति के संदेश और चेहरों पर जागरूकता का उत्साह लिए युवाओं ने स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प दोहराया।
नशा परिवार ही नहीं, पूरी पीढ़ी को प्रभावित करता है
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष मनोज जानी, अणुव्रत समिति के प्रदेश प्रभारी पवन भंडारी, लायंस क्लब पेटलावद सेंट्रल के अध्यक्ष अनुराग गौड़ तथा अणुव्रत योग समिति के अवधेश कुमार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में आयोजन प्रभारी मनीष कटारिया, दिलीप बरबेटा, पीयूष जैन एवं मंत्री संदीप बरबेटा मौजूद रहे।
अतिथियों ने संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। शराब, तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थ व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता को कमजोर कर उसे अपराध एवं सामाजिक बुराइयों की ओर भी धकेल सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो परिवार मजबूत होंगे और समाज प्रगति की ओर बढ़ेगा। नशा मुक्त परिवार ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
बदलाव की शुरुआत स्वयं से
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी बुरी आदत को छोड़ने के लिए सबसे जरूरी है दृढ़ इच्छाशक्ति। जब व्यक्ति स्वयं ठान ले कि उसे नशे से मुक्त जीवन जीना है, तो सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से वह इस बुरी लत से बाहर निकल सकता है। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने जीवन और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने का साहस है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने ली शपथ
संबोधन के बाद उपस्थित ग्रामीणों, युवाओं एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त गांव एवं स्वस्थ परिवार का संकल्प लिया। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशे से मुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।
कार्यक्रम का संचालन अवधेश कुमार ने किया। आयोजन की विस्तृत रूपरेखा संयोजक मनीष कटारिया ने प्रस्तुत की, जबकि आभार दिलीप बरबेटा ने माना।
ग्राम धतुरिया जैसे छोटे से गांव में आयोजित यह जनजागरूकता कार्यक्रम नशे के खिलाफ ग्रामीण एकजुटता और युवा शक्ति की मिसाल बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज जागरूक होता है, युवा आगे आते हैं और परिवार संकल्प लेते हैं, तब नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत बदलाव की शुरुआत होती है।
रिपोर्टर : मनीष कुमट

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