समय रहते सुधार नहीं हुआ तो गहरा सकता है पेयजल संकट

झाबुआ : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन झकनावदा में योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर में जगह-जगह पाइपलाइन बिछाने के बावजूद कई स्थानों पर पाइपलाइन फूटी नजर आने और पानी व्यर्थ बहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में जल संरक्षण के दावों के बीच पानी की बर्बादी रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

पाइपलाइन बिछी, फिर भी पानी की बर्बादी

जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया, लेकिन यदि पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज हो रहा है और पानी सड़कों या खुले स्थानों पर बह रहा है, तो व्यवस्था की गुणवत्ता और रखरखाव की समीक्षा जरूरी हो जाती है। एक ओर नागरिकों को पानी बचाने की सलाह दी जाती है, वहीं दूसरी ओर जलापूर्ति व्यवस्था में तकनीकी खामियों के कारण पानी व्यर्थ बहने की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद क्या उसका समुचित परीक्षण किया गया था? यदि परीक्षण हुआ, तो लीकेज की समस्या सामने आने के बाद भी सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है? क्या संबंधित विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है या फिर पाइपलाइन बिछाने के बाद व्यवस्था को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है?

ठेकेदार की कार्यप्रणाली और विभागीय निगरानी पर सवाल

योजना के तहत कार्य करने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, पाइपलाइन का परीक्षण कराना और खामियां सामने आने पर उन्हें दूर करवाना संबंधित व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यदि पाइपलाइन में बार-बार लीकेज हो रहा है, तो इसकी तकनीकी जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि समस्या पाइपलाइन की गुणवत्ता, जोड़, स्थापना या किसी अन्य तकनीकी कारण से उत्पन्न हो रही है। जांच के बिना किसी एक पक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन लगातार पानी व्यर्थ बहने की शिकायतों को नजरअंदाज करना भी जनहित में नहीं है।

आखिर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान क्यों नहीं?

झकनावदा में पाइपलाइन से पानी बहने की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर क्यों नहीं जा रहा है। यदि समस्या मौके पर मौजूद है, तो उसका निरीक्षण कर तत्काल सुधार करवाना जरूरी है। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े मामले में केवल कागजों पर कार्य पूर्ण होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालित होना भी आवश्यक है।नगरवासियों को यह जानकारी भी मिलनी चाहिए कि जल जीवन मिशन के तहत कितना कार्य पूरा हुआ है, किन स्थानों पर लीकेज की समस्या है और उसे ठीक करने के लिए विभाग ने क्या कार्ययोजना बनाई है। दूसरी बार टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी यदि कार्यों की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं, तो संबंधित अधिकारियों को प्रगति और गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

समय रहते नहीं सुधरी व्यवस्था तो बढ़ सकती है परेशानी

आगामी दिनों में पेयजल की मांग बढ़ने और गर्मी के मौसम में जलस्रोतों पर दबाव बढ़ने की स्थिति में पानी की बर्बादी गंभीर समस्या बन सकती है। ऐसे में अभी से पाइपलाइन की मरम्मत, लीकेज की रोकथाम और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है। पानी की प्रत्येक बूंद की अहमियत समझते हुए विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

कलेक्टर से जांच और सुधार की मांग

झकनावदा में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन का मौके पर निरीक्षण कराने, लीकेज वाले स्थानों को चिह्नित करने और तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराने की आवश्यकता है। जिला कलेक्टर को संबंधित पीएचई अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की रिपोर्ट लेकर समयबद्ध सुधार के निर्देश देने चाहिए। यदि जांच में ठेकेदार या संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। अब देखना यह है कि पीएचई विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेकर पाइपलाइन की खामियों को दूर करता है या फिर पानी की बर्बादी रोकने के लिए नागरिकों को प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार करना पड़ेगा। जल जीवन मिशन की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब पाइपलाइन से पानी व्यर्थ बहने के बजाय लोगों तक नियमित और सुचारू रूप से पहुंचे।

पाइपलाइन से पानी व्यर्थ बहने पर सवाल

“एक तरफ लोगों को पानी बचाने की सलाह दी जाती है, वहीं दूसरी तरफ पाइपलाइन बिछाने के बाद भी यदि पानी व्यर्थ बह रहा है, तो यह गंभीर विषय है। संबंधित विभाग को मौके पर पहुंचकर लीकेज और तकनीकी खामियों को दूर करना चाहिए, ताकि पानी की एक-एक बूंद का सदुपयोग हो सके।”

ठा.मनोहर सिंह राठौर पंच झकनावदा

जल संकट को लेकर चिंता

“झकनावदा में आने वाले समय में पेयजल संकट की स्थिति बन सकती है। अभी से पानी बचाने और जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने की जरूरत है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी के दिनों में आम नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।”

जिम्मेदार नागरिक आशीष भांगू 

कार्य चल रहा है जहां पाईप लाईन लीकेज है वहां दोबारा काम करके इस समस्या का समाधान करवा दिया जायेगा। ठेकेदार सतवीर शाह ,जल जीवन मिशन योजना झकनावदा।

रिपोर्टर : मनीष कुमट 

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