भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु, वरघोड़े में भगवान को छप्पनभोग अर्पित कर हुई महाआरती
झकनावदा : मालवा के छोटे केसरियाजी के नाम से प्रसिद्ध झकनावदा नगर में शनिवार, 24 अक्टूबर को श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्ति संध्या श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुई। भक्ति, संगीत और आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। भजनों की मधुर स्वर लहरियों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। सुबह निकले भव्य वरघोड़े से लेकर देर रात तक चली भक्ति संध्या तक धर्म और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।
दो रथों के साथ निकला भव्य वरघोड़ा, भगवान के जयकारों से गूंजा नगर
द्वितीय श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्ति महोत्सव के अंतर्गत शनिवार सुबह गणेश मंदिर परिसर से दो रथों के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े में प्रथम रथ में मूलनायक श्री केसरियानाथ भगवान एवं श्री पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान किया गया, वहीं दूसरी बग्गी में श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं श्री नाकोड़ा काला भैरव देव को विराजमान कर श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ आगे बढ़े। वरघोड़े में लाभार्थी परिवारों के सदस्य अपने सिर पर छप्पन प्रकार का नैवेद्य धारण कर हर्षोल्लास के साथ शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयकारों के बीच श्रद्धालु नगर के प्रमुख मार्गों से नाचते-झूमते हुए निकले। मार्ग में जगह-जगह धर्म और भक्ति का वातावरण दिखाई दिया। वरघोड़े में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवान के दर्शन करने के लिए नगरवासियों में भी विशेष उत्साह रहा।
जैन देरासर में छप्पनभोग अर्पित कर उतारी महाआरती
भव्य वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ श्री केसरियानाथ जैन देरासर पहुंचा। यहां विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ श्री नाकोड़ा भैरव देव को छप्पनभोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात भगवान की महाआरती उतारी गई। आरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लेकर सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की मंगलकामना की। इस अवसर पर सकल श्रीसंघ की नवकारसी का आयोजन भी किया गया। धार्मिक आयोजन के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकारसी में सहभागिता की। इसके बाद छप्पनभोग की प्रसादी का वितरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा। आयोजन ने जैन समाज की धार्मिक परंपराओं, सामूहिक सहभागिता और भगवान के प्रति अटूट आस्था को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
इंदौर की अदिति कोठारी ने भजनों से बांधा समां
रात्रि में आयोजित भव्य श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्ति संध्या में इंदौर की सुप्रसिद्ध भजन गायिका अदिति कोठारी ने अपनी सुमधुर आवाज और भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने एक के बाद एक भक्ति रचनाओं की प्रस्तुति देकर ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु स्वयं को झूमने से रोक नहीं सके। विशेष रूप से “ढोल नगाड़ा बजा करे, भेरूजी का भोपा मजा करे” जैसे लोकप्रिय भजनों पर भक्तजन उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। ढोल-नगाड़ों की थाप, भक्ति गीतों की मधुरता और श्रद्धालुओं के जयकारों से आयोजन स्थल गुंजायमान हो उठा। श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव की भक्ति में लीन श्रद्धालु देर रात तक भजनों का आनंद लेते रहे।
किसी ने हाथ उठाकर अपनी भक्ति प्रकट की तो कोई संगीत की लय पर झूमता दिखाई दिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भक्ति संध्या में सहभागिता की। पूरा आयोजन श्रद्धा, उल्लास और सामूहिक भक्ति का अनूठा संगम बन गया।
आकर्षक साज-सज्जा और धार्मिक उत्साह ने मोहा मन
भक्ति महोत्सव को लेकर नगर में पहले से ही उत्साह का माहौल बना हुआ था। आयोजन स्थल पर धार्मिक वातावरण के अनुरूप आकर्षक साज-सज्जा की गई। भक्ति संगीत, श्रद्धालुओं की सहभागिता और धार्मिक जयकारों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। झकनावदा सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता कर इसकी शोभा बढ़ाई।
भक्ति संध्या में शामिल श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर केवल भजन सुनने का नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से आराधना करने और अपनी धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का भी रहा। श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव देव के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था पूरे आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
भक्त मंडल के आयोजन की सराहना
श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्त मंडल झकनावदा के तत्वावधान में आयोजित इस द्वितीय भक्ति महोत्सव ने नगर की धार्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की। सुबह के भव्य वरघोड़े, भगवान को छप्पनभोग अर्पण, महाआरती, सकल श्रीसंघ की नवकारसी और रात्रिकालीन भक्ति संध्या ने आयोजन को विशेष और यादगार बना दिया। इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में धर्म के प्रति आस्था, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिलता है। भजनों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्तों के उत्साह के बीच संपन्न हुई यह भक्ति संध्या श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रही। झकनावदा में आयोजित इस भव्य महोत्सव ने एक बार फिर नगर की धार्मिक आस्था और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। इस दौरान पेटलावद मेवानगर के गादीपति सुमित पीपाड़ा सहित कार्यकारिणी,रायपुरिया,बनी,बोलासा,तारखेड़ी,धतुरिया,मंडलेश्वर,उमरकोट,राजगढ़,लाबरिया, टांडा श्रीसंघ के भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान सभी का झकनावदा सकल श्रीसंघ एवं श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव भक्त मंडल ने स्वगत किया।
रिपोर्टर : मनीष कुमट

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