अन्य समाज और क्षेत्र के लिए मेड़तवाल समाज बना एक प्रेरणा- समाज से 78 वां नेत्रदान हुआ

झालावाड़ - अमर नेत्रदानी पुण्यात्मा श्रीमती गीताबाई गुप्ता अपने अंतिम यात्रा को जाते हुए भी एक बड़ा परोपकार करते हुए दो असहाय नेत्रहीनों के लिए नेत्र ज्योति का दान कर गई और इस तरह से पूज्य माताजी की आंखें जीवित है कि सृष्टि को लगातार देखने के लिए बकानी हमारे शिक्षित समाज का एक खूबसूरत कस्बा है, जब अच्छे लोग,शिक्षित लोग और समझदार लोग कस्बे के नागरिक होते हैं तो निश्चित रूप से जटिल से जटिल कार्य भी सहज हो जाते हैं मृत्यु एक अत्यंत संवेदनशील विषय है और लगभग लगभग सभी जगह यह क्षण होता है जब कोई भी निर्णय और कोई भी विचार सहज नहीं होता, ऐसे में बकानी के समाजसेवी श्री मुरली मनोहर जी आफूवाला भाईसाहब की सासू मां एवं पवनजी की नानीजी श्रीमती गीताबाई गुप्ता (धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री रामप्रतापजी टांक, धुंआखेड़ी वाला) के स्वर्गवास के बाद समाजसेवी एवं हमारे रक्त नेत्र-मित्र समिति के मार्गदर्शक आदरणीय श्री संजयजी जुलानिया के द्वारा परिवार से नेत्रदान की बात की गई,समाजसेवी शिक्षित परिवार होने के कारण अत्यंत सहजता से आफूवाला परिवार की स्वीकृति प्राप्त हो गई एवं संजय भैया की सूचना पर कोटा से शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम के द्वारा बकानी पहुंचकर पुण्यात्मा माताजी का नेत्रदान प्राप्त किया, दो लोगों को नया जीवन, नई रोशनी, नई जिंदगी देने के लिए यह बहुत बड़ी बात है यह बकानी कस्बे का 10 वां नेत्रदान प्राप्त हुआ है, उल्लेखनीय है इसमें 9 महिलाएं हैं यदि समाज के स्तर पर हम देखें तो अभी तक 78 नेत्रदान समाज से प्राप्त हो चुके हैं मेड़तवाल समाज शिक्षा, व्यापार, राजनीति, में बहुत आगे है उसी के साथ-साथ समाज सेवा में भी समाज की भूमिका अत्यंत अग्रण

रिपोर्टर - रमेश चन्द्र शर्मा 

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