महर्षि संदीपनि माध्यमिक विद्यालय में वार्षिकोत्सव संपन्न: संस्कारयुक्त विद्या ही राष्ट्र का आधार - संत रामदास जी
बकानी : क्षेत्र के मोलक्या खुर्द स्थित महर्षि संदीपनि माध्यमिक विद्यालय में वार्षिक उत्सव एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लटुरी गौशाला आश्रम, सांगोद के संत श्री रामदास जी महाराज रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
विद्यालय में अध्ययनरत भैया-बहिनों ने सांस्कृतिक संध्या के दौरान एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दीं। देशभक्ति और लोक संस्कृति पर आधारित इन कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेधावी छात्र पुरस्कृत और नवप्रवेशी बच्चों का अभिनंदन
सत्र 2025 और 2026 में अपनी कक्षाओं में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि संत श्री रामदास जी महाराज के कर-कमलों द्वारा पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही, आगामी नए सत्र के लिए 11 भैया-बहिनों को संत श्री द्वारा मंगल तिलक लगाकर विद्यालय में 'नवप्रवेश' दिया गया।
शिक्षा और विद्या के अंतर पर संत का संबोधन
अपने उद्बोधन में संत श्री रामदास जी महाराज ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि:आज की प्रचलित शिक्षा लॉर्ड मैकाले की घृणित व्यवस्था का हिस्सा है। आज के समय में हमें केवल किताबी शिक्षा की नहीं, बल्कि 'विद्या' की आवश्यकता है। विद्या वह है जो हमें सनातन काल से गुरुकुलों में मिला करती थी, जहाँ संस्कारों के साथ जीवन जीने की कला सिखाई जाती थी।""
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रदीप श्रगी, व्यवस्थापक पूनमचंद शर्मा, प्रधानाध्यापक लालचंद मेहर सहित तुलसीराम राठौर, रोशनसिंह, जगदीश लोधा, रमेश भारती, ईश्वरसिंह, ममता सेन, पूजा कँवर, सीमा पारेता और दिव्या लोधा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद थे।
मंच का सफल संचालन रामबाबू वैष्णव और शुभम जोगी द्वारा किया गया।


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