भूमि पूजन एवं भूमि सुपोषण राष्ट्रीय स्तरीय जन् अभियान के तहत बालाजी गार्डन में आयोजित किया गया

झालावाड़ - कार्यक्रम अंतर्गत आगंतुक महानुभावों एवं बन्धुओं ने अपने खेत बगीचा गमला से एक मुट्ठी राज (मिट्टी) लेकर  आए उसको एक जगह लाल वस्त्र पर विधिवत्त आसन लगाकर अनिल द्विवेदी सीनियर नर्सिंग अधिकारी सपत्नीक द्वारा पूजन किया गया मुख्य वक्ता ओमप्रकाश पाटीदार द्वारा भूमि माता जो 30% तक अवनत बंजर हो चुकी जिसमें फसलों का उत्पादन अधिक रासायनिक खाद यूरिया डीएपी एवं कीटनाशकों के उपयोग के कारण शून्य पर आ चुका है। एवं उत्पादित अनाज,फलों ,सब्जियों में पौष्टिकता की कमी ,एवं कीटनाशकों से दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का प्रभाव देखने को मिल रहा हैं।भूमि माता का पोषण हेतु पुनः गौआधारित एवं प्राकृतिक विधि से किसी करने से उन्हें कृषि योग्य भूमि बनाने एवं भूमि जो बंजर हो चुकी है उसका प्रतिशत आगे नहीं बढ़ उसको लेकर देसी गाय माता का महत्व बताते हुए गाय माता का दूध से लेकर उसकी गोमूत्र गोबर के जीवन में उपयोगिता एवं गोबर से कंपोस्ट खाद सरल  कंपोस्ट खाद , वर्मी कंपोस्ट खाद,सरल संजीवनी खाद बनाने के बारे जानकारी देकर खेती में काम में लेने एवं   गौ माता के मृत्यु उपरांत उसके सींग से सींग खाद जो बहुत ही गुणकारी होता है जो स्प्रे करने के काम में आता है एवं उसकी शरीर की मृत्यु हो चुकी है उसको समाधि लगाकर 3 वर्ष बाद वापस समाधि खाद की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया है। अभी वर्तमान समय में धरती माता जो हम सभी को पोषण करती है वनस्पति चर चराचर जीव जंतु का पालन करती है उसके अत्यधिक शोषण एवं सिंगल यूज प्लास्टिक द्वारा उसको  प्रदूषित किया जा रहा है बंजर किया जा रहा है के बारे में चिंता व्यक्त की गई है,

रिपोर्टर - रमेश चन्द्र शर्मा 

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