खेत दिवस में किसानों को सिखाई गई जलवायु स्मार्ट खेती
बकानी - आई.टी.सी. मिशन सुनहरा कल परियोजना के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज कार्यक्रम एवं एसआईआईआरडी झालावाड़ के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम मोलक्या कलां में गेहूँ की फसल पर किसान खेत दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के कृषि विशेषज्ञ सत्यनारायण पाटीदार ने किसानों को जलवायु स्मार्ट खेती के अंतर्गत ज्ञान संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं आजीविका विविधीकरण के बारे में जानकारी दी। किसान कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन तथा संस्थागत योजनाओं से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बायोगैस, आईटीसी द्वारा गेहू की खरीद प्रक्रिया, आईटीसी मार्स ऐप एप्लीकेशन के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विभाग से वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक राजेंद्र कुमार ने गोरधन जैविक वर्मी कम्पोस्ट, तारबंदी, पाइपलाइन, खेत तलाई, कृषि यंत्र एवं चाफ कटर आदि योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से समय पर आवेदन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि अभी तक जिले में गोरधन जैविक वर्मी कम्पोस्ट योजना के सबसे अधिक आवेदन बकानी पंचायत समिति से प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर रायसिंह लोधा सरपंच, करलगांव ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में बताया तथा पंचायत द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान स्थायी चौड़ी नाली (PBBF) विधि से लगाए गए डेमो प्लॉट और पारंपरिक खेती वाले कंट्रोल प्लॉट के बीच पौधों की संख्या, गेहूँ की बाली की लंबाई, 1000 दानों का वजन तथा प्रति वर्ग मीटर उत्पादन का तुलनात्मक प्रदर्शन किसानों के सामने किया गया। इसमें पाया गया कि डेमो प्लॉट से पारंपरिक खेत की तुलना में लगभग 8 से 10 प्रतिशत अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ। आईटीसी मिशन सुनहरा कल के माध्यम से झालावाड़ जिले के 280 गाँवों में क्लाइमेट स्मार्ट विलेज कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिससे किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती करने हेतु मार्गदर्शन मिल रहा है। कार्यक्रम में बालू सिंह सोंदिया निदेशक, भगवान बलराम किसान उत्पादक समूह, केवलचंद लोधा खादी उद्योग सहित प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 73 किसानों ने भाग लिया।
रिपोर्टर - रमेश चन्द्र शर्मा

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