इतिहास के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध किया अति उत्कृष्ठ ऐंव उल्लेखनीय कार्य
झालावाड : इतिहास के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शोध किया अति उत्कृष्ठ ऐंव उल्लेखनीय कार्य पर दूसरी बार सम्मानित डॉ विनय श्री वास्तव अंचल मे कई वर्षो पूर्व से ही ऐतिहासिक शोध कार्य कर जल संवर्धन मे, ऐतिहासिक तालाब और बावड़ियों पर अनुकरणीय कार्य करने वाले डॉ विनय श्री वास्तव जो मूलतः नीमच मंदसौर के होकर इन दिनों ग्वालियर संभाग मे इतिहास के वरिष्ठ प्रोफ़ेसर है उन्हें जयपुर की प्रतिष्ठित संस्था भव्या फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं सेमिनार मे इतिहास मे उच्च स्तरीय शोध, शिक्षा और समाज सेवा के लिए ग्लोबल डायमंड आइकॉन अवार्ड से सम्मानित किया गया और उनकी दो पुस्तकों भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन मे पन्ना तथा कमपोजिट कल्चर एन्ड फयूजन इन इंडिया का बिमोचन भी हुआ. यह अवार्ड लगातार दूसरे वर्ष भी डॉ विनय श्रीवास्तब को मिला है इस उपलब्धि पर भानपुरा की इतिहास पुरातत्त्व और संस्कृति साहित्य को समर्पित संस्था के संयोजक डॉ प्रद्युम्न भट्ट, अध्यक्ष राधेश्याम टेलर, सहित सीता राम संदेशिया, कैलाश तिवारी मोहन लॉल मरमट, डॉ प्रतिभा भट्ट, हरिराम गयरी, राकेश बागड़ी देवकीनंदन शर्मा आदि ने बधाईया प्रेषित की है उल्लेखनीय है कि डॉ विनय श्रीवास्तव ने दशपुर भानपुरा के इतिहास और शेलचित्रो पर भी अपने साथियों और शिष्यों के साथ काम किया है. आशा है आने वाले दिनों मे भानपुरा अंचल मे डॉ विनय श्री वास्तव नवीन शोध प्रोजेक्ट को लेकर अभीतक हुए शोध को आगे बढ़ावेंगे. डॉ विनय श्री वास्तव प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ मनोहर सिंह राणावत पूर्व निदेशक श्री नट नागर शोध संस्थान के शिष्य रहे है
रिपोर्टर : रमेश शर्मा


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