झांसी में गणेश उत्सव की धूम, लेकिन प्रशासन की लापरवाही उजागर,पंडालों की संख्या तक नहीं पता, सुरक्षा इंतज़ाम अधूरे

झांसी- शहर गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज रहा है। प्रमुख बाज़ारों से लेकर मोहल्लों तक जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं। श्रद्धालु भारी संख्या में गणपति के दर्शन करने जाते हैं। लेकिन इस भक्ति और उल्लास के बीच प्रशासन की लापरवाही सामने आती है। आश्चर्य की बात यह है कि नगर निगम और जिला प्रशासन के पास झांसी में लगे गणेश पंडालों की सही संख्या तक का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

सुरक्षा पर संकट के बादल भक्तों का कहना है कि पंडालों की गिनती तक न होना सबसे बड़ी लापरवाही है। बिना संख्या जाने सुरक्षा व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर बिजली की तारें लटक रही हैं, ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी होती है और अग्निशमन के इंतज़ाम भी नदारद हैं।

स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि हर साल सैकड़ों पंडाल बनते हैं, लेकिन प्रशासन आंकड़े जुटाने और उनकी लोकेशन तय करने की जहमत तक नहीं उठाता। एक भक्त ने कहा— "अगर किसी पंडाल में हादसा हो गया तो ज़िम्मेदारी कौन लेगा? अधिकारी सिर्फ कागज़ों पर दावा करते हैं, ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं होता।"

डीएम और एसएसपी कार्यालय से इस मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। प्रशासन की चुप्पी ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। सवाल साफ है— जब पंडालों की संख्या ही ज्ञात नहीं, तो सुरक्षा और व्यवस्था के दावे कैसे किए जा रहे हैं?


गणेश उत्सव आस्था का पर्व है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। ज़रूरत है कि जिला प्रशासन तुरंत आंकड़े जुटाए और सभी पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।

रिपोटर:- आकाश कौशल

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