झाँसी में नागरिक-केन्द्रित दूरसंचार सेवाओं एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

झांसी : दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के उत्तर प्रदेश पूर्व लाइसेंस सेवा क्षेत्र द्वारा नागरिक-केन्द्रित दूरसंचार सेवाओं, साइबर सुरक्षा  तथा संचार साथी पोर्टल/ ऐप के प्रभावी उपयोग के उद्देश्य से दिनांक 28 जनवरी 2026 को बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (BIET), झाँसी में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन अरुण कुमार वर्मा, अपर महानिदेशक,उत्तर प्रदेश पूर्व एलएसए  की अध्यक्षता में किया गया।
2. अपर महानिदेशक, उत्तर प्रदेश पूर्व एलएसए ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल सुरक्षा, साइबर स्वच्छता और डिजिटल जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग, दूरसंचार तकनीकी में नए नवाचार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। 6जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा साइबर सुरक्षा जैसी उभरती तकनीकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते है।
3. उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग का संचार साथी पोर्टल/ऐप आज देश का सबसे व्यापक डिजिटल सुरक्षा मंच बन चुका है, जिसे मई 2023 में लॉन्च किया गया था और अब तक 23 करोड़ से अधिक वेबसाइट विज़िट तथा 1.4 करोड़ से अधिक मोबाइल ऐप डाउनलोड प्राप्त हो चुके हैं। इस पोर्टल/ऐप के माध्यम से करीब 45 लाख से अधिक मोबाइल हैंडसेट को बंद किया गया और साथ ही 8 लाख से अधिक खोए/चोरी हुए मोबाइल फ़ोन की रिकवरी संभव हुई है, जो नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। उत्तर प्रदेश में संचार साथी पोर्टल/ऐप के माध्यम से अब तक कुल 337147 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं तथा 80359 मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए है।
4. उन्होंने संचार साथी पोर्टल/ऐप के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया और छात्रों को दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित संचार मित्र योजना के बारे में अवगत कराते हुए उन्हें कार्यशाला की सीख को समाज में फैलाने का आग्रह किया ताकि साइबर अपराध कम किया जा सके। उन्होने यह भी बताया की ललितपुर और झाँसी 5 गावों मे 4जी मोबाइल टावर लगेंगे।  
5. उन्होंने  आगे दूरसंचार विभाग के वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (Financial Fraud Risk Indicator - FRI) प्रणाली  से भी अवगत कराया गया। यह प्रणाली मोबाइल नंबरों के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी की संभावनाओं की पहचान कर बैंकों एवं डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्मों को सतर्क करती है। यह प्रणाली अब सभी बैंकों के साथ ही PhonePe, Paytm और Google Pay जैसे प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म पर लागू हो चुकी है और प्रतिदिन 4000–5000 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान करती है,जिससे अब तक ₹1000 करोड़ से अधिक की वित्तीय हानि रोकी जा चुकी  है और साथ ही 70 लाख से अधिक संदिग्ध लेन-देन अवरुद्ध किए गए हैं।
6. कार्यशाला में  वेद प्रकाश वर्मा, उप महानिदेशक, दूरसंचार विभाग ने संचार साथी पोर्टल /ऐप में उपलब्ध सभी सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की रिपोर्टिंग, संदिग्ध धोखाधड़ी एवं अवांछित वाणिज्यिक संचार (UCC) की रिपोर्टिंग, एक दस्तावेज के आधार पर किसी व्यक्ति के नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी, मोबाइल हैंडसेट के IMEI की सत्यता की जाँच, विश्वसनीय संपर्क विवरण तथा संदिग्ध विदेशी कॉल की जानकारी शामिल है। 
7. कार्यशाला में दूरसंचार अधिनियम 2023 के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई और बताया गया कि दूरसंचार अधिनियम 2023 के अनुसार जाली दस्तावेजों से सिम लेना या जानकारी छुपाना अपराध है|इसके अलावा मोबाइल हैंडसेट के IMEI में छेड़छाड़ या अनधिकृत उपयोग भी गंभीर अपराध है| इन अपराधों के लिए दूरसंचार अधिनियम में 3 साल तक की सजा या 50 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकता है। 
8. मैसेज (SMS) माध्यम से हो रहे साइबर फ्रॉड के बारे में चर्चा करते हुए बताया गया कि ऐसे फ्रॉड को रोकने के लिए SMS के अंत में विशेष suffix जोड़े गए हैं।
P (Promotional)- प्रचार/विज्ञापन संदेश
S (Service-related)- सेवा से जुड़े, गैर-वित्तीय सूचना संदेश
T (Transactional Financial) — बैंक, लेन-देन, OTP से संबंधित संदेश
G (Government-authorized)- सरकारी संदेश,जैसे मौसम, नीति सूचना आदि
उदाहरण:
Loan-P → प्रचार सम्बन्धी संदेश (जैसे ऑफर)
Recharge-S → सेवा से संबंधित (जैसे रिचार्ज नोटिफिकेशन)
Bank-T → वित्तीय लेन-देन या OTP संबंधित
Alert-G → सरकारी सूचना या सलाह
 
इस प्रणाली से नागरिक आसानी से पहचान सकेंगे कि प्राप्त SMS किस श्रेणी का है और संदिग्ध अथवा धोखाधड़ी वाले संदेशों से सतर्क रह सकेंगे।
9. प्रोफेसर जितेन्द्र कुमार शर्मा, निदेशक बीआईईटी ने चर्चा के दौरान तकनीकी के सुरक्षित प्रयोग पर जोर दिया और दूरसंचार विभाग के नागरिक केंद्रित प्रयासों की सराहना की।
10. कार्यशाला में झांसी और ललितपुर जिलों के अपर पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिस अधिकारी, बीआईईटी झाँसी के प्रो. एन पी यादव, प्रो यशपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ प्रोफ़ेसर और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। दूरसंचार विभाग के श्री प्रसून चंद्र,  बीरेंद्र मौर्य,  सौरभ गुप्ता और शाश्वत श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

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