डॉ. संदीप सरावगी व कलर्स ब्यूटी पार्लर ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी, दो बहनों के विवाह में दिया सहयोग

झाँसी- संघर्ष सेवा समिति द्वारा सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का एक प्रेरक उदाहरण पुनः देखने को मिला, जब समिति कार्यालय पर दो सगी बहनों के विवाह अवसर पर ससम्मान सहयोग प्रदान किया गया। रेलवे कॉलोनी, मिशन रोड, झाँसी निवासी मीनू रायकवार एवं शिखा रायकवार का विवाह 7 फ़रवरी को संपन्न हुआ। इनके पिता कल्लन रायकवार पेंटर का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता पूजा रायकवार गृहिणी हैं।

इस अवसर पर संघर्ष सेवा समिति कार्यालय पर आयोजित सादे किंतु भावनात्मक कार्यक्रम में डॉ. संदीप सरावगी ने नवविवाहित बहनों को फुल साइज ट्रॉली बैग, किचिन सेट तथा अन्य उपयोगी उपहार भेंट कर उन्हें शुभाशीष दिया। कार्यक्रम का माहौल आत्मीयता और अपनत्व से परिपूर्ण रहा।

डॉ. संदीप सरावगी ने इस अवसर पर कहा कि कन्याओं का विवाह केवल एक पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संघर्ष सेवा समिति का उद्देश्य यही है कि कोई भी बेटी अभाव के कारण पीछे न रहे। आज जो सहयोग दिया गया है, वह सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश है। उन्होंने दोनों बहनों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए परिवार के संघर्ष और परिश्रम की सराहना भी की।

विवाह के दिन दोनों बहनों को कलर्स ब्यूटी पार्लर द्वारा तैयार किया गया, जिसकी हर ओर प्रशंसा रही। पार्लर की टीम ने सादगी, गरिमा और आधुनिकता का संतुलित सौंदर्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि स्थानीय स्तर पर भी उत्कृष्ट पेशेवर सेवाएं उपलब्ध हैं। पार्लर के संचालक रुपेश कुदरया और रचना कुदरया ने दोनों कन्याओं को सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी दिया।

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से मनोज तामकर, सोमकांत निगम, संदीप वंशल, ऐश्वर सरावगी, रानी रावत, सुनीता रैकवार, संदीप नामदेव, अनुज प्रताप सिंह, राजू शर्मा, अक्षत गुर्वे, अनिल गुर्वे, सुशांत गेड़ा, सागर, अनिकेत, कुणाल, नीतू रजक, बसंत गुप्ता, राजू सेन, राकेश अहिरवार, अंजली विश्वकर्मा, हर्षित अरोड़ा, रिया वर्मा, नितिन वर्मा, सिद्धांत गुप्ता, मिंटू बाल्मीकि, महेंद्र रैकवार, आशा सेन, धर्मेंद्र खटीक, अशोक काका, मनोज सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने संघर्ष सेवा समिति की पहल को सराहते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में भरोसा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। यह आयोजन न केवल दो बहनों के जीवन की नई शुरुआत का साक्षी बना, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रेरक संदेश छोड़ गया।

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