सरकारी योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित कराकर न्यायपूर्वक विकास की मुख्य धारा से जोड़ें अधिकारी
झांसी- उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आज ललित नारायण झा, न्यायाधीश, काॅमशियल कोर्ट के मुख्य आतिथ्य में "वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर" का आयोजन पं0 दीनदयाल सभागार, झांसी में किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश मनराज सिंह, पी0ओ0, एमएसीटी, न्याज अहमद अंसारी, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (पॉकसो एक्ट), नेत्रपाल सिंह अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (डकैती अधि0), जितेन्द्र यादव अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (ई0सी0 एक्ट), कमलकांत श्रीवास्तव, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश, शरद कुमार चौधरी, अपर जिला जज/नोड़ल, ईश्वर शरण कन्नौजिया, सी0जे0एम0, प्रतीक त्रिपाठी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती ईशा त्रिपाठी सिविल जj(सी0डि0)/ए0एफ0टी0सी0 एवं अन्य न्यायाधीशगण उपस्थित रहे ।
वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित ललित नारायण झा न्यायाधीश, काॅमशियल कोर्ट ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि न्याय का वास्तविक अर्थ लोगों के चेहरों पर खुशी लाना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आज इस कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई है। आज के कार्यक्रम में इस सभागार परिसर में 34 विभागों के स्टाॅल लगाये गये, जिससे लोगों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। प्रत्येक व्यक्ति को संविधान में दिये गये अधिकारों से जागरुक होना अति आवश्यक है। विभागीय अधिकारी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाये, जिससे वह न्यायपूर्वक विकास की मुख्य धारा से जुड़ सके।
कार्यक्रम में शरद कुमार चौधरी अपर जिला जज/नोडल अधिकारी वृहद शिविर ने सम्बोधन में कहा कि विधिक साक्षरता शिविर आमजनमानस को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने का एक प्रमुख साधन है। सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारी कुशल प्रतिभावान, जिनके सहयोग से आज का यह कार्यक्रम अपने सफल स्वरुप को धारण कर सका। हमारे देश में सर्वाधिक प्रतिभावान व्यक्ति ही सरकारी सेवा का अंग बनते है, यह हमारे लिए अत्यधिक गर्व की बात है। आज इस कार्यक्रम को सफल बनाकर शासकीय कार्मिकों ने निश्चित रुप से अपनी प्रज्ञा को साबित किया है। प्रज्ञा के साथ करुणा का जोड़ अति आवश्यक है। विधिक शिविर का मुख्य उद्देश्य न्याय को प्रत्येक व्यक्ति के द्वार तक पहुंचाना है, जिससे वह अपनी बात निःसंकोच प्रस्तुत कर सके।
कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुये प्रतीक त्रिपाठी सिविल जज सी0डी0/सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि हमारे देश का संविधान सभी नागरिकों को अपनी आवाज उठाने, अपने अधिकारों का प्रयोग करने और किसी भी भेदभाव को चुनौती देने की शक्ति प्रदान करता है, इन सिद्धान्तों की पूर्ति के लिए आज इस वृहद विधिक शिविर का आयोजन किया जा रहा है, इसका उद्देश्य लोगों को कानून की जानकारी प्रदान करने के साथ जागरुकता से सशक्तिकरण की ओर एक नया कदम बढ़ाने का सुअवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के आयोजन के माध्यम से आमजनमानस को सरकारी कानूनों के साथ योजनाओं की व्यापक जानकारी भी प्रदान की जायेगी, ताकि पात्र लाभार्थियों को त्वरित रुप से योजनाओं के लाभ से लाभान्वित भी किया जायेगा। इन शिविर के द्वारा लोगों को विधिक सहायता एवं उनकी कानूनी समस्याओं की सुनवाई करते हुये उन्हें उचित सलाह भी प्रदान की जायेगी। न्याय पर सभी का अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में किसी भी व्यक्ति से न्याय को छीना नहीं जा सकता है। नालसा और सालसा की तरफ से न्याय, सामाजिक व आर्थिक भेदभाव को कम करने के लिए यह विधिक शिविर अनूठी पहल के रुप में शुरु किये गये हैं। सभी जनपद वासियों से यह अपील है कि वह इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाये और इस शिविर को सफल बनाये।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों द्वारा उद्योग विभाग में संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूलकिट, उ0प्र0 डेवलपमेंट सिस्टम काॅपरेशन द्वारा स्वामी विवेकानन्द योजना के अन्तर्गत विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अन्तर्गत दिव्यांग लाभार्थियों को ब्रेल किट, सीपी चेयर, कान की मशीन, ट्राईसाइकिल एवं व्हील चेयर, आपूर्ति विभाग के तहत लाभार्थियों को पोष्टिक आहार सामग्री वितरित की गयी।
विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में अतिथियों द्वारा सभागार परिसर में विभिन्न विभागों (राजस्व, श्रम, पंचायती राज, जिला विकास/खण्ड विकास, पुलिस, विद्युत, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, प्रोबेशन, नगर विकास, कौशल विकास मिशन, युवा कल्याण, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, शिक्षा, पशुपालन, पिछड़ावर्ग कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण, खाद्य सुरक्षा एवं रसद, परिवहन, वन, आवास एवं नगर विकास, बैंक सहायता, सूचना एवं जनम्पर्क, राजकीय संग्रहालय, जल शक्ति, ग्रामीण विकास, विकास प्राधिकरण, न्याय एवं अन्य) द्वारा सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ किया गया। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा सभागार में माँ सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर "वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर" का विधिवत शुभारम्भ किया गया। इसके उपरान्त दृष्टि बाधित विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की गयी।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे योगेन्द्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उप निदेशक राजकीय संग्रहालय डाॅ0 मनोज कुमार गौतम, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रति वर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेन्द्र कुमार पटेल, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल, जिला कारागार अधीक्षक विनोद कुमार, जनपद न्यायालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जैनेन्द्र मणि त्रिपाठी, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, प्रमोद शिवहरे, सचिव छोटेलाल वर्मा, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल प्रतीक समाधिया, वरिष्ठ सहायक आदिल जाफरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन समाजसेविका/शिक्षाविद् डाॅ0 नीति शास्त्री द्वारा किया गया।
रिपोर्ट अंकित साहू


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