शंकराचार्य पर लगाये गये आरोप की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने दिया ज्ञापन
झांसी : आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देते हुये कांग्रेस ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेशवरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्य स्वामी मुंकुदानंद ब्रहमचारी सहित अन्य लोगों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से माननीय न्यायालय दायर किये गये वाद के आधार पर यौन शोषण के आरोप में दर्ज एफ आई आर की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार की सह पर जहां पूर्व में मौनी अमावस्या के पुण्य अवसर पर पुलिस द्वारा शंकराचार्य व उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया ।उनके साथ आयें बटुकों की चोटी खींचकर उन्हें अपमानित करते हुये थाने में ले जाकर प्रताड़ित करने कार्य किया गया था।अब कुछ व्यक्तियों द्वारा उनके खिलाफ झूठे तथ्यों के आधार पर माननीय न्यायालय में झूठा वाद प्रस्तुत कर यौन शोषण के आरोप में एफ आई आर दर्ज कराई गई है।
पी सी सी सदस्य राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 व 26 धार्मिक स्वतन्त्रता तथा धार्मिक सम्प्रदायों को अपने धार्मिक मामलों में प्रबंधन का मौलिक अधिकार प्रदान करते है। चूंकि शंकराचार्य सरकार की गलत नीतियों पर मुखर होकर अपनी बात कहते है। इसलिए उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
शहर अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परम्परा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में शामिल है।जिसकी मान्यता एवं परम्परा एतिहासिक धार्मिक परिपाटियों द्वारा निर्धारित है। जिनके द्वारा एफ आई आर दर्ज कराई गई है उनकी पृष्ठभूमि व परिस्थितियों तथा सम्भावित प्रेरक तत्वों का निष्पक्ष परीक्षण एवं पारदर्शी जांच कराने की जरुरत है।
ज्ञापन देने वालों में जिला मीडिया प्रभारी अमीर चंद आर्य, गिरिजा शंकर राय, अमित करौसिया, श्रीमती उमा पाठक, स्टेला मसीह, राजकुमार सेन, डा. पप्पू राम सहाय, हरिओम श्रीवास, राजकुमार फौजी, अशोक कन्सौरिया, संकल्प अग्रवाल, मुमताज खान, मानव श्रीवास्तव,दिनेश कुमार वर्मा, एम सी वर्मा, सोहन तिवारी, सूरज प्रकाश राय,अशोक कौशल, शैलेष चतुर्वेदी, अजय तिवारी, सचिन मौर्य, मनीष अहिरवार, कालीचरण व विकास कुशवाहा आदि शामिल रहें।

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