“समेकित कचरा प्रबंधन : जनभागीदारी से स्वच्छ शहर” विषय पर संगोष्ठी सम्पन्न

झांसी :  स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में जिला जनकल्याण महासमिति झांसी एवं जे के टी नेचर केयर झांसी के तत्वावधान में स्लोगन प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी का आयोजन प्रेरक एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में केंद्रीय अध्यक्ष डा जितेन्द्र कुमार तिवारी के मुख्य संयोजन एवं आचार्य पं हरिओम पाठक जी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नागरिकों, छात्र-छात्राओं, युवाओं के साथ बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसने यह संदेश दिया कि स्वच्छ और सतत भविष्य के निर्माण में समाज के हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सशक्त एवं सारगर्भित स्लोगनों ने कार्यक्रम को जनचेतना का प्रभावशाली मंच बना दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी का विषय - “समेकित कचरा प्रबंधन : जनभागीदारी से स्वच्छ शहर” (घर से शुरू होगा परिवर्तन, तभी बनेगा स्वच्छ शहर) रखा गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पत्तियों एवं कचरे को न जलाने, स्वच्छ वायु के लिए वृक्षारोपण, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण, ई-वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण तथा ज़ीरो वेस्ट जीवनशैली अपनाने पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। विशेष रूप से मातृशक्ति ने किचिन गार्डन को बढ़ावा देने, घर के गीले कचरे से खाद तैयार करने और प्लास्टिक उपयोग कम करने जैसे व्यवहारिक उपायों पर अपने अनुभव साझा किए। स्लोगन प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन गुरुजीत सिंह खनूजा की अध्यक्षता में गठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसके आधार पर चयनित विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। अनेक प्रतिभागियों ने अपने स्लोगनों के माध्यम से जल संरक्षण, कचरा पृथक्करण, हरित जीवनशैली और सामुदायिक जिम्मेदारी पर प्रभावशाली संदेश दिए।

संयोजक डॉ. जितेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि समेकित कचरा प्रबंधन केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि नागरिक जिम्मेदारी का विषय है। यदि प्रत्येक परिवार घर से कचरे का पृथक्करण शुरू करे, किचिन गार्डन अपनाए, सड़क पर कचरा न फेंके और जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए, तो स्वच्छ शहर का लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बताते हुए सामुदायिक स्तर पर कचरा मुक्त और हरित पहल बढ़ाने का आह्वान किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और व्यवहार परिवर्तन को गति देते हैं तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छ वायु का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनजागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया। आभार व्यक्त रानी झांसी फाऊंडेशन झांसी की अध्यक्षा श्रीमती निर्मल तिवारी ने व्यक्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार आरजू अग्रवाल, द्वितीय सोनम, तृतीय सबत खालिदी को प्राप्त हुआ इसके अतिरिक्त सांत्वना पुरस्कार के रुप में अनमोल शर्मा, प्रियांशी,अक्षत शर्मा,अरुण कुमार पटैरिया, कैलाश नारायण मालवीय, धर्मेंद्र सिंह नमन, धर्मेंद्र कारलेकर, मोहिनी सोनी,एम डी गुप्ता, अन्नू अग्रवाल,पूजा गुप्ता, भावना चंदेल, ज्ञान सिंह गुर्जर, संयोगिता नामदेव,पूनम अग्रवाल, आदित्यराज सिंह बुंदेला, प्रतिभा शर्मा,अर्शप्रीत सिंह,नेहा अंकुर अग्रवाल,संजय दुबे,सोनम,नेहा सिंह, राहुल पचौरी, प्रेमचंद प्रजापति,निधि वर्मा, प्रियंका शर्मा,पूजा तिवारी, तनिष्का, शिल्पी चौधरी, रंजना शर्मा, संस्कृति सिंह,एच एन शर्मा,सपना शुक्ला, शिवांश शुक्ला, मोहिनी कुशवाहा,करिश्मा अग्रवाल, अंजना गुप्ता,निशा शर्मा, नीलम गुप्ता,अलीशा मंसूरी,निशा सैनी,सौरभ जेजुरकर, वैष्णवी वर्मा,कनिका केवट,डा निशा नंदिनी गुप्ता,अनुपम गुप्ता, सिमरन शाक्या,पूजा खरे, सिनिधि अग्रवाल,जिज्ञासा, विकास कुशवाहा,निम्मी साहू,विवान तिवारी,आयुष कुमार आर्या, रमाकांत सिंह,  आदि को पुरस्कृत किया गया। संचालन सचिव सतेंद्र कुमार तिवारी ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप आचार्य राजीव पाठक,आर एन उपाध्याय,राम नारायण शर्मा, रचना वर्मा,बी पी नायक,अजय तिवारी,एम पी द्विवेद्वी,श्याम नारायण तिवारी,ज्योति प्रकाश खरे, पंकज झा, सुनीता सिंह, सुमन वर्मा की मुख्य भूमिका रही।

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