बुंदेलखंड के नौ सांसदों एवं पचपन विधायकों को खून से लिखा जाएगा धिक्कारने वाला पत्र, निकाली जाएगी जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा

झांसी :  बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए वर्षों से किए जा रहे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों की खुली अवहेलना ने आज पूरे क्षेत्र की जनता के आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुँचाई है। “वनवासी राम से रामराजा सरकार” तक बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा द्वारा निकाली गई ऐतिहासिक जन आक्रोश यात्रा को जिस अभूतपूर्व जनसमर्थन, प्रेम और आक्रोश का सैलाब मिला, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब बुंदेलखंड की जनता अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है। यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आत्मा की पुकार थी — एक ऐसी पुकार जिसे अब अनसुना करना संभव नहीं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र के नौ सांसद, जिन पर बुंदेलखंड की आवाज संसद तक पहुँचाने की जिम्मेदारी थी एवं पचपन विधायकों जो या तो मौन हैं या अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। यह मौन अब विश्वासघात के रूप में देखा जा रहा है।इसी विश्वासघात और वादा खिलाफी के विरोध में अब एक ऐतिहासिक और जनप्रतिनिधियों को धिक्कारने वाला कदम उठाने का निर्णय लिया गया है। अखंड बुंदेलखंड के नौ सांसदों क्रमशः सागर, दमोह-पन्ना, छतरपुर-खजुराहो, टीकमगढ़-निवाड़ी, दतिया-भिंड, झांसी-ललितपुर, जालौन-गरौठ, हमीरपुर-महोबा, बांदा-चित्रकूट निर्वाचन क्षेत्र में व पचपन विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में  “ जनप्रतिनिधि धिक्कार यात्रा ”  का हर निर्वाचन क्षेत्र में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित हैं, जहां अपने खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, सांसदों एवं विधायको को भेजा जाएगा। साथ ही दो ब्लॉकों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा, अधिवक्ताओं, किसानों, व्यापारियों से सहयोग वार्ता की जाएगी व न्यूतनम एक हजार उन बुंदेली योद्धाओं को जो राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कोई साधारण विरोध नहीं, बल्कि उन टूटे हुए सपनों, कुचले हुए अधिकारों और उपेक्षित अस्मिता की आखिरी चेतावनी है।

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा पुनः वादा खिलाफी के विरोध में राम कौ कॉल (कसम) चढ़ाकर, लोगो की कलाई पर राम बंधन बांधने व गंगाजली उठवाकर मौन धारण किए हुए जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध लोगों को तैयार करने के लिए बड़ी टीम तैयार कर रहा है जो आगामी चुनावों में गूंगों को हरा कर बोलने वालों को जिताने का कार्य करेंगे।
 खून से लिखा हर शब्द यह बताएगा कि बुंदेलखंड की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, अपना अधिकार चाहती है। यह संदेश स्पष्ट है — यदि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज नहीं उठाएंगे, तो जनता उन्हें सत्ता से हटाने में भी संकोच नहीं करेगी क्योंकि जो बुंदेलखंड का नहीं वो किसी काम का नहीं।
 पत्रकार वार्ता में महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, रजनीश श्रीवास्तव, हनीफ खान, प्रदीप झा, नरेश वर्मा, अभिषेक तिवारी आदि शामिल रहे।

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