आई.जी.एफ.आर.आई. झाँसी एवं पशुपालन विभाग तैयार करेंगे उत्तर प्रदेश में चारा विकास हेतु मास्टर ट्रेनर्स

झांसी : उत्तर प्रदेश में हरे चारे की कमी के मद्देनजर प्रदेश के पशुपालन विभाग के वित्तपोषण में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के संस्थान भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसन्धान संस्थान, झाँसी द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में चारा विकास को गति देने हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है जिसमे प्रदेश के समस्त जिलों के पशुपालन एवं कृषि विभाग से कुल 150 मास्टर ट्रेनर्स 27 अप्रैल से 14 मई तक दो-दिवसीय बैच के माध्यम से कुल 6 बैच में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में प्रशिक्षण की रूपरेखा पर जानकारी देते हुए प्रशिक्षण निदेशक डॉ. दाना राम पलसानिया ने बताया की प्रदेश में हरे चारे की कमी 35-40 प्रतिशत है जोकि मुख्य रूप से उन्नत चारा तकनीकियों पर जानकारी के अभाव के कारण है। अतः उत्तर प्रदेश में पशुधन उत्पादकता बढाने हेतु चारा फसलों की वैज्ञानिक विधि से खेती करने की आवश्यकता है, जिसके लिए जरुरी है कि चारा उत्पादन, संरक्षण एवं उपयोग से सम्बंधित सघन एवं प्रभावी तकनीकियों का प्रभावी प्रसार किया जाए। इसी उद्येश्य के साथ उक्त प्रशिक्षण में प्रतिभागी चारा उत्पादन, संरक्षण एवं उपयोग के समस्त पहलुओं पर उन्नत तकनीकियों की जानकारी लेंगे साथ ही तकनीकियों के प्रभावी प्रसार हेतु विचार-मंथन भी करेंगे। कार्यक्रम से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण उपरान्त अपने जनपदों के पशुपालक किसान, कृषि उद्यमी एवं गौशाला संचालकों को प्रशिक्षित कर उनका क्षमता विकास करेंगे जिससे की चारा तकनीकियों का प्रदेशव्यापी प्रभावी प्रसार होगा एवं हरे चारे का उत्पादन बढेगा जोकि पशुधन उत्पादकता एवं कृषक आजीविका की दृष्टि से हितकर होगा।

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