बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर कार्यवाही की मांग को लेकर कुर्मी क्षत्रिय महासभा ने दिया ज्ञापन
झांसी : अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के तत्वाधान मे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित जिलाधिकारी झांसी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। जिसका मुख्य कारण 25 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस द्वारा आयोजित भद्र दुर्ग शक्ति स्थल के शिलान्यास समारोह के दौरान पाखंडवादी कथाकार धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदवी स्वराज" के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नीचा दिखाने का दुष्प्रायस करते हुए कहा कि जब शिवाजी महाराज युद्ध करते हुए बहुत थक गए थे तो उन्होंने समर्थ गुरु रामदास के चरणों में अपना मुकुट सौंपते हुए कहा कि अब आप अपना साम्राज्य संभालिए। धीरेंद्र शास्त्री का यह वक्तव्य झूठा एवं काल्पनिक है। धीरेंद्र शास्त्री के इस मनगढ़ंत बेतुके बयान से पूरे भारत के आम जनमानस में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में बताया गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के आध्यात्मिक गुरु रामदास नहीं बल्कि उनके आध्यात्मिक गुरु संत तुकाराम जी थे। सत्य तो यह है कि छत्रपति शिवाजी महाराज रामदास से कभी मिले ही नहीं थे। उपरोक्त बाते मुंबई हाईकोर्ट की खंडपीठ, औरंगाबाद डबल बेंच के (वर्तमान जिला - संभाजी राजे) न्यायाधीश टी. वी. नलवाड़े तथा के. एल. वडाने ने दिनांक 16 जुलाई 2018 को मुकदमा संख्या - 995/2008 की सुनवाई के उपरांत अपने निर्णय में स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि शिवाजी महाराज रामदास से कभी मिले थे या रामदास उनके गुरु थे। जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज कुनबी मराठा संत तुकाराम जी के कीर्तनों को सुनने के लिए स्वयं जाते थे। संत तुकाराम जी ने ही छत्रपति शिवाजी महाराज को "हिंदवी स्वराज की स्थापना एवं प्रजा कल्याण" का मार्ग दिखाया था। छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में पाखंडवादी कथाकार धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दिए गए ओछे बयान की अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा व भारतीय समता मूलक महासभा कड़े से कड़े शब्दों में निंदा एवं घोर भर्त्सना करती है।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा व भारतीय समता मूलक महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि इतिहास से छेड़ -छाड़ करने वाले पाखंडवादी कथाकार धीरेंद्र शास्त्री के ऊपर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए उसे तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। जिससे दोबारा कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी महापुरुष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का दुस्साहस न कर सके।
ज्ञापन देने मे वीरेंद्र निरंजन, सूबेदार एन डी पटेल, एडवोकेट मलखान सिंह , भरत सिंह पटेल,प्रकृति पटेल,अंकित राय ,रूपेश कुमार,नरेंद्र कुमार,सतीश पटेल,महिपाल सिंह,पवन पटेल, रामसुबोध ,शिवम यादव, शिवशंकर विश्वकर्मा,राम प्रकाश विश्वकर्मा,लालाराम विश्वकर्मा,कुलदीप, सी एल विश्वकर्मा,यशदीप निरंजन,अभिषेक यादव, अंकित पटेल,आलोक सिंह,अमर सिंह,कमलेश निरंजन आदि लोगो ने ज्ञापन सौंपा।
रिपोर्टर : अंकित साहू

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