जिला अस्पताल में अचानक पहुंचे डीएम,बाहर से दवाएं लिखने पर नेत्र परीक्षक के निलंबन की हुई कार्यवाही
झांसी : आज जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा अपराह्न 02:00 बजे औचक जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के पहुंचते ही अस्पताल में भगदड़ सी मच गई। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रबल इच्छा है कि स्वास्थ्य सेवाएँ बिलकुल जमीनी स्तर तक पहुंचे। समाज के सबसे गरीब व्यक्ति का बेहतर इलाज हो। उन्होंने कहा कि आज का औचक निरीक्षण का उद्देश्य यही है कि हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। जिलाधिकारी गौरांग राठी अचानक जिला चिकित्सालय पहुंचे, निरीक्षण के दौरान मरीजों एवं उनके तीमारदारों से उनका हालचाल लिया एवं नेत्र रोग का इलाज कराने आये मरीजों से वार्ता की गई। जिनके द्वारा शिकायत की गई कि उन्हें बाहर की दवायें लिखी जा रही हैं। मरीजों द्वारा प्रस्तुत पर्ची एवं उनको सुनने के उपरान्त ज्ञात हुआ कि उक्त पर्ची नेत्र परीक्षक/ओप्टोमेट्रिस्ट द्वारा लिखी जा रही है। उक्त स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि उक्त ओप्टोमेट्रिस्ट पर नियमानुसार निलम्बन की कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए, सभी को ताकीद किया कि बाहर से दवाएं किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएंगी।
इसके उपरान्त उन्होंने ओ.पी.डी. भवन के प्रथम तल पर स्थित शौचालय को देखा, महिला शौचालय में गंदगी पाई गई एवं पुरूष शौचालय बन्द पाया गया। उक्त स्थिति पर उन्होंने असन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि शौचालय जन सुविधा के दृष्टिगत अत्यन्त आवश्यक है एवं उसकी नियमित साफ-सफाई भी कराया जाना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्बन्धित सेवाप्रदाता कम्पनी को उक्त लापरवाही के दृष्टिगत नोटिस निर्गत किए जाने के निर्देश दिए। मौके पर मरीजों की सुविधा के दृष्टिगत ओ.पी.डी. में मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। निर्देशित किया गया कि प्रथम तल पर स्मार्ट चर्जिंग के पास मरीजों एवं उनके तीमारदारों के लिए बैठने हेतु बेंच की व्यवस्था की जाये। वर्तमान में भीषण गर्मी/लू का प्रकोप चल रहा है, जिसके दृष्टिगत मरीजों एवं उनके तीमारदारों के लिए छाया की व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई, तो प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल में शेड की आवश्यकता है, जिसके लिए निर्देशित किया गया कि रेडक्रास से अस्पताल में शेड की व्यवस्था की जाये। इसके उपरान्त जिलाधिकारी गौरांग राठी ने इंटीग्रेटिड पैथोलॉजी का निरीक्षण किया एवं रजिस्ट्रेशन कक्ष से आज रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यक्तियों की क्रमवार सूची प्राप्त की गई एवं रजिस्ट्रेशन के क्रमानुसार टेस्ट रिपोर्ट मरीजों द्वारा प्राप्त करने की समीक्षा की गई। रजिस्ट्रेशन में क्रमानुसार अपना टेस्ट कराने आये मरीज छाया एवं जुगल से जिलाधिकारी द्वारा स्वयं वार्ता की गई, जिनके द्वारा अवगत कराया गया कि उनको टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हो गई एवं उनसे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की गई है। टेस्ट हेतु रजिस्ट्रेशन कराने वाले बाबूलाल द्वारा रिपोर्ट प्राप्त न करने के सम्बन्ध में उनसे भी दूरभाष पर वार्ता की गई, उनके द्वारा भी अवगत कराया गया कि उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की गई है एवं वह अगले दिवस ही रिपोर्ट प्राप्त करने आ सकेंगे।
अपनी औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी ने सी.टी. स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया एवं सी.टी.स्कैन हेतु पंजीकरण केन्द्र का भी निरीक्षण किया। आज पंजीकरण करने वाले कर्मचारी द्वारा अवगत कराया गया कि सी.टी.स्कैन हेतु पंजीकरण कराने वाले मरीजों की संख्या 54 है। उन्होंने सी.टी.स्कैन रिपोर्ट प्राप्त होने की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। सी.टी.स्कैन पंजीकरण करने वाले कर्मचारी द्वारा अवगत कराया गाय कि उसके द्वारा 09.45 बजे से पंजीकरण शुरू किया गया है, क्योंकि शनिवार को सी.टी.स्कैन कराने आये मरीजों को रिपोर्ट देने के उपरान्त सी.टी. स्कैन की शुरूआत की गई है।
जिलाधिकारी ने आज पंजीकरण कराने वाले मरीजों की सूची का अवलोकन किया गया एवं क्रमानुसार प्राप्त सी.टी.स्कैन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। सी.टी.स्कैन रिपोर्ट 01 घण्टे में प्रक्रियानुसार प्राप्त हो जा रही हैं। सी.टी.स्कैन कराने आये मरीज नीलेश राय से जिलाधिकारी ने स्वयं वार्ता की गई। मरीज द्वारा अवगत कराया गया कि उसे सी.टी.स्कैन हेतु कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया है एवं उसे रिपोर्ट अगले दिवस प्राप्त करने हेतु कहा गया है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि जब रिपोर्ट 01 घण्टे में ही प्राप्त हो जाती है, तो मरीज को अगले दिवस रिपोर्ट प्राप्त न करायें। पंजीकरण एवं रिपोर्ट प्राप्त कराने की सेवाप्रदाता द्वारा पृथक-पृथक व्यवस्था की जाये, ताकि रिपोर्ट उसी दिन मरीज को प्राप्त हो एवं उसका तीव्र गति से सम्बन्धित रोग का इलाज किया जाये। इसके उपरान्त जिलाधिकारी के समक्ष पार्किंग सम्बन्धी समस्या को संज्ञान में लाया गया, जिसके सम्बन्ध में उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम की टीम अस्तपाल के अधिकारियों के साथ भ्रमण कर रोड साइड पंर्किंग की व्यवस्था कराये। इसके अतिरिक्त अन्य सभी व्यवस्थायें सन्तोषजनक पायी गई।
जिलाधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण पद जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्साधीक्षक एवं अन्य चिकित्सक बड़ी संख्या में तीमारदार और परिजन उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : अंकित साहू


No Previous Comments found.