दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को मिलेगी अनुदान सहायता

झांसी : जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शिव सिंह ने अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में परिभाषित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रूग्ण दिव्यांगजन को छोड़कर) हेतु "दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वासन हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता" योजनान्तर्गत अर्ली इण्टरवेंशन सेन्टर, डे केयर सेन्टर/प्री-प्राइमरी स्कूल, प्राइमरी स्कूल स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन, जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों का संचालन, हाईस्कूल स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन, कौशल विकास केन्द्र का संचालन (अधिकतम 04 ट्रेड एवं न्यूनतम 02 ट्रेड) तथा पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालयों का संचालन सहित 07 परियोजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु स्वैच्छिक संगठनों को सहायता अनुदान प्रदान किये जाने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गयी है।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर गठित समिति की संस्तुति के अनुसार निदेशक द्वारा अनुदान ग्रहीता स्वैच्छिक संस्था को दो किश्तों में (प्रथम किश्त स्वीकृत अनुदान की धराशि का 60 प्रतिशत एवं द्वितीय किश्त स्वीकृत अनुदान की धनराशि का शेष 40 प्रतिशत) अनुदान की धनराशि ऑनलाइन संस्था के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। स्वैच्छिक संस्था को कुल उपलब्ध धनराशि का 10 प्रतिशत का व्यय स्वंय अपने निजी संसाधनों से करना होगा। उपरोक्त योजना से संबंधित अधिक जानकारी/दिशा-निर्देश/गाइडलाइन्स दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की बेबसाइट uphwd.gov.in पर जाकर प्राप्त कर सकते है।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में दिव्यांगजनों के हितार्थ एवं कल्याणार्थ दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में पंजीकृत स्वैच्छिक संस्थाओं से अनुरोध किया है कि योजनान्तर्गत अपना प्रस्ताव दो प्रतियों में तैयार कर दिनांक 31 मई 2025 तक कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, भूतल विकास भवन, बी०के०डी० चौराहा, झाँसी में जमा करना सुनिश्चित करेंगे।

 

रिपोर्टर : अंकित साहू

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.