जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी (झाँसी) के माध्यम से सौंपा गया ज्ञापन
झाँसी : श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति, के तत्वावधान एवं अध्यक्ष अजित कुमार जैन के नेतृत्व एवं महामंत्री वरुण जैन के संयोजन में सकल जैन समाज झाँसी द्वारा रानीमहल से जिलाधिकारी कार्यालय झाँसी तक मौन पदयात्रा निकालकर समाधिस्थ आर्यिका द्वय मां श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका मां उपशममति माताजी (साध्वियों) को श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि मध्यप्रदेश के रीवा में हुई एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में दो जैन साध्वियों के आकस्मिक निधन के बाद संपूर्ण भारतवर्ष का जैन समाज और अहिंसा प्रेमी नागरिक गहरे सदमे और आक्रोश में हैं। जिला अधिवक्ता संघ झाँसी के अध्यक्ष एड. प्रमोद शिवहरे ने कहा कि अहिंसक जैन समाज के साधु संतों के साथ हुई इस अमानवीय घटना की हम घोर निंदा करते हैं और सरकार से हम दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए फांसी देने की मांग करते हैं।
जैन साधु-संतों के पदविहार (पदयात्रा) के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पूरे देश में 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने की मांग को लेकर आज झाँसी में जैन समाज द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
* दुर्घटना पर जताया गहरा शोक:
ज्ञापन के माध्यम से परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महामुनिराज की सुयोग्य शिष्याओं—दिगम्बर जैन साध्वियां आर्यिका मां श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका मां उपशममति माताजी—के सड़क दुर्घटना में हुए समाधि-मरण पर गहरी व्यथा व्यक्त की गई।
समाज के प्रतिनिधि सौरभ जैन सर्वज्ञ ने ज्ञापन वाचन करते हुए अवगत कराया कि जैन धर्म के साधु-साध्वी आजीवन पदयात्री होते हैं। वे पूर्ण अहिंसा का पालन करते हुए, बिना किसी वाहन के, नंगे पैर पूरे देश में धर्म और शांति का संदेश देते हैं। विगत कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी यातायात और तेज रफ्तार वाहनों के कारण जैन संतों के साथ दुर्घटनाओं की संख्या में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जिसमें कई संतों ने अपने प्राण गंवाए हैं।
~ ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:- ~
शासन-प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराते हुए, समाज ने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:
* व्यापक 'संत सुरक्षा नीति': केंद्र तथा राज्य सरकारें तत्काल प्रभाव से पूरे देश व प्रदेश में पदविहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए एक ठोस और व्यापक 'संत सुरक्षा नीति' का निर्माण कर उसे लागू करें।
* अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट: संतों के पदविहार के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस सुरक्षा (एस्कॉर्ट) या होमगार्ड प्रदान किए जाएं।
* थानों के बीच समन्वय: विहार मार्ग पर पड़ने वाले सभी पुलिस थानों के बीच पूर्व-सूचना की व्यवस्था हो, ताकि एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र में प्रवेश करते समय सुरक्षा की निरंतरता बनी रहे।
* राजमार्गों पर सुरक्षित व्यवस्था: हाईवे और मुख्य मार्गों पर पदयात्रियों के लिए सुरक्षित लेन सुनिश्चित की जाए। संतों के विहार के समय यातायात को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर आदि की उचित व्यवस्था हो।
* दोषियों पर सख्त कार्रवाई: रीवा दुर्घटना सहित पूर्व में हुई ऐसी सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।
* सांस्कृतिक धरोहर हैं संत
ज्ञापन के अंत में इस बात पर जोर दिया गया है कि जैन साधु-संत हमारे देश की अमूल्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। उनकी रक्षा करना शासन का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है। समाज ने सरकार से अपील की है कि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अविलंब ऐतिहासिक निर्णय लिए जाएं।
इस अवसर पर वरिष्ठ व्यापारी नेता शैलेन्द्र जैन प्रेस, अशोक जैन भावना होटल, वरिष्ठ समाजसेवी सिंघई कैलाशचंद जैन वर्धमान, राजीव जैन सिर्स, वीके जैन (पूर्व वनाधिकारी), डॉ जिनेन्द्र जैन, सुरेन्द्र जैन बक्सा, जिनेन्द्र सर्राफ, राजेन्द्र बड़जात्या, रविन्द्र सिंघई, एंजि. केसी जैन, डॉ विनय जैन, मनोज अछरौनी, अनिल बाजा, राजेन्द्र अछरौनी, प्रदीप जैन चैनू, सुनील अछरौनी, रविन्द्र जैन चिरगांव, एंजि.एम.के.जैन, मनोज नायक, श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति के उपाध्यक्ष रविन्द्र जैन रेल्वे, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी, ऑडिटर राजकुमार भण्डारी, बड़ा मन्दिर मंत्री सुनील जैनको, करगुंवा मंत्री सवाई सिंघई संजय जैन, प्यावल मंत्री खुशाल जैन, वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश जैन डीके, मनोज सिंघई, देवेन्द्र जैन एलआईसी, अलंकार जैन, सुभाष जैन सत्यराज, अशोक जैन रतनसेल्स, व्यापारी नेता अतुल जैन सर, आलोक जैन विश्वपरिवार, विकास जैन चिरगांव, प्रमोद वैरायटी, युवा समाजसेवी अंकित सर्राफ, गौरव जैन नीम, संयोग भण्डारी, सचिन सर्राफ, गौरव जैनम, अमन जैन विरागप्रिय, संजीव जैन मिनी, रवि कंधारी, कुलदीप जैन, जितेन्द्र सीपरी, पंकज गुदरी, सुरेन्द्र बघेरा, ऋषभ जैन (स्वास्थ्य विभाग), मुकेश वीडियो, देवव्रत जैन बबलू, सनी जैन चैनू, देवेश जैन केडी, राजीव रानू, अनूप जैन सनी, मयंक जैन, कमलेश जैन, पुष्पेंद्र जैन रानीपुर, विवेक नायक, सौरभ गुदरी, राहुल चाय, नवीन पड़रा, आशीष जैन नगरा, रवि बिजौली, शगुनचंद जैन, संजय कर्नल, विपिन जैन ओम बिजली, आलोक बल्ले, विवेक भगतजी, रवि जैन कटरा, डॉ अभय जैन, आशीष जैन माची, राजकुमार शिवाजीनगर, प्रदीप छतरपुर, संजीव खिलौना, राजीव टूंका, अमित प्रधान, अरुण सिर्स, अभिषेक नगरा, आग्रह जैन, शुभम जैन, राजेश दीनदयालनगर, उमेश सिंघई, सौरभ जैनम, नीलेश मोदी, नरेन्द्र जैन, जिनेन्द्र जैन, पवन जैन, प्रमोद जैन बब्बा, वीके मोदी, विनय चौधरी, विकास जैन, विजय जैन, रमेश जैन, अशोक नगरा, शशांक जैन, दिनेश जैन, कमल नईबस्ती, चक्रेश जैन, राजीव शिवाजी, अमित सिंघई, जैन महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती सरोज जैन, रीता जैन, अंजली सिंघई, डॉ नीलम जैन, अंजू जैन, ममता जैन, अर्चना जैन, सुलेखा नायक, रूबी जैन, लक्ष्मी जैन, श्वेता जैन, प्रिया जैन, शिल्पी जैन, सारिका जैन, जयंती जैन, पिंकी जैन, रंजना जैन, सुनीता जैन, पूजा जैन, हर्षा जैन, मधु मोदी, पूनम जैन, रश्मि जैन सहित मुनि सेवा संघ, दया भावना फाउंडेशन, भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव समिति, दि. जैन महासमिति, श्री पावागिरी शिक्षण संस्थान (पंजी.), श्री भगवान महावीर लोक कल्याण समिति (पंजी.), भारतीय जैन मिलन (समस्त शाखाएं), पुलक जन चेतना मंच (समस्त शाखाएं), जैन महिला जागृति मंच (समस्त शाखाएं), उत्तरांचल तीर्थक्षेत्र कमेटी, दि. जैन सोशल ग्रुप, श्रमण चरण सेवक संघ, विशुद्ध चेतना संघ, विमर्श जागृति मंच, विनिश्चय ग्रुप, जैन युवा संघ नगरा, वीर सेवादल, वर्धमान सेवा समिति, मुनि सेवा समिति नगरा, गुरु भक्त मिलन, गुरु सेवा संघ, दिगम्बर जैन महिला मण्डल, प्रबंध कार्यकारिणी समिति सदर बाजार, दीनदयाल नगर, अशोक संफ्रान सिटी, नगरा, सीपरी बाजार, गुदरी मंदिर, कटरा मंदिर, चंद्रप्रभु जिनालय, कैलाश रेजीडेंसी, चावला कॉलोनी, राजगढ़, करगुंवाजी सहित समस्त सहयोगी संगठनों के हजारों जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहें। ज्ञापन सभा का संचालन पंचायत महामंत्री वरुण जैन एवं आभार सौरभ जैन सर्वज्ञ ने व्यक्त किया।

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