भगवान सब का अभिमान नष्ट करते हैं - पं सुरेन्द्र तिवारी

गुरसराय :  ग्राम परसुवा में बावन जी मंदिर अयोध्या के महंत वैदेही बल्लभ शरण महाराज की अध्यक्षता में चल रहे श्री सीताराम महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत पुराण कथा के छठवें दिन कथा व्यास पंडित सुरेंद्र तिवारी गुड्डू महाराज ने कहा कि इंद्र के अभिमान को भगवान ने नष्ट किया।

कक्षा व्यास ने बताया कि समस्त बृजवासी इन्द्र की पूजा किया करते थे, इसलिए इंद्र को यह घमंड हो गया था कि मैं ही समस्त बृजवासियों का पालन पोषण करता हूं। भगवान को किसी का अभिमान करना पसंद नहीं है भले ही भगवान का भक्त ही क्यों न हो। भगवान ने इंद्र का अभिमान नष्ट करने के लिए ही गिरिराज जी की पूजा बृजवासियों से कराई। इंद्र के द्वारा की गई अतिवृष्टि से बचाव हेतु गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण किया और बृजवासियों की रक्षा की , तथा इंद्र का मान मर्दन किया।
कथा व्यास ने कहा कि किसी को अभिमान नहीं करना चाहिए। यदि अभिमान करना ही है तो इस बात का करना चाहिए कि भगवान हमारे हैं हम भगवान के हैं। कथा व्यास ने भगवान और रुक्मणी विवाह की कथा का विस्तार से वर्णन किया। विवाह में  गाये भजनों पर श्रद्धालु श्रोता जन झूम कर नाचे। पूरा पंडाल  भक्ति मय वातावरण एवं हर्षोल्लास से परिपूर्ण हो गया। कथा की आरती परीक्षित पुष्पा संतराम तिवारी ने की। यज्ञ आचार्य पं अरविंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा विधि विधान से संपन्न कराया जा रहा है।
संगीत मय कथा में बैंजो पर जयराम, पैड पर महेंद्र मिश्रा, तबला पर गोलू बिरथरिया, कीबोर्ड पर सत्यम ने संगत दी।
 इस अवसर पर मेजर अखिलेश पिपरैया, अमरदीप द्वेवेदी, कमलेश द्विवेदी, सुंदरभान मिश्रा, सनद द्विवेदी, मुकेश मिश्रा जगत पाल, विनोद द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्टर  : आशुतोष गोस्वामी

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