हवन पूजन के साथ भागवत कथा की हुई पूर्णाहुति।राम कलेवा, सुन्दर काण्ड पाठ के साथ देर रात्रि तक चला भण्डारा
झांसी : ग्वालियर रोड स्थित कुंजबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हमारे मन में प्रभु के प्रति सच्चा समर्पण होना चाहिए। भगवान के कई नाम हैं सबके अलग अलग अर्थ हैं। जब जिस भाव से हम उन्हें पुकारेंगे उसी रुप में भगवान आयेंगे। नाम में बड़ी शक्ति है। संसार में जितनी भी सजीव या निर्जीव वस्तुएं हैं सबका नाम है।सनातन धर्म के तीन मूल आधार वेद,गौ माता और ब्राह्मण हैं।इनका आदर करो और सज्जनों की संगत करो। अपना अंत:करण सात्विक कर लो क्योंकि जिसकी भक्ति सात्विक होगी उसका अंत:करण भी सात्विक होगा और उसी को सुखी मिलेगा।कलियुग में धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि हमारा वर्ताव तमोगुण, रजोगुण और सतोगुण स्वभाव अनुसार होता है किन्तु इनमें बदलाव करते हुए हमें परमात्मा की शरण में जाना होगा तभी हमारा तन और मन सात्विक होगा। कुंजबिहारी मंदिर भगवान के दर्शन कर वे यहां श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश दे रहे थे। धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं से संकल्प कराते हुए उन्होंने कहा कि
हम सब तय करें कि गौमाता की रक्षा के लिए ही वोट करेंगे। गाय हम नहीं पालते बल्कि गाय हमें पालती है।गाय हमें आशीर्वाद देने आयीं है इसलिये हम उसका आशीर्वाद ही प्राप्त करें। वह तभी संभव है जब हम सब तय करके यह संकल्प लें कि गाय हमारी माता है जो हमारी माता को सुखी रखेगा अथवा सुखी रखने वालों से संबंध रखेगा हम सब उसी से संबंध रखेंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में गाय की रक्षा करने वाले को ही वोट करेंगे। इस मौके पर बुंदेलखंड धर्माचार्य महंत राधामोहन दास महाराज ने उन्हें भगवान रामराजा सरकार कि चित्र बतौर स्मृति चिन्ह भेंट किया एवं कुंजबिहारी सरकार के श्री चरणों में दिव्य एवं भव्य फूलबंगला समर्पित किया गया। दोपहर में हवन पूजन के साथ श्रीमद भागवत कथा की पूर्णाहुति हुई तथा सायंकालीन बेला में संगीतमय रामकलेवा एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया तदुपरांत साधु संत ब्राह्मण एवं भक्त सेवकों सहित सभी श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट भंडारे का प्रसाद परोसकर खिलाया गया। देररात्रि तक श्रद्धालुओं ने भण्डारे का प्रसाद पाया।इस मौके पर आचार्य रामलखन उपाध्याय, अनिल तिवारी,
श्रीमती ममता अजय अग्रवाल,श्रीमती सुधि संजय अग्रवाल,श्रीमती पूनम रविंद्र मोहन अग्रवाल,श्रीमती गायत्री किशन लाल अग्रवाल, श्रीमती नीतू राकेश अग्रवाल, श्रीमती दीर्घा विजय अग्रवाल, हरिश्चंद्र अग्रवाल, कुंजबिहारी मंदिर के पुजारी बालकदास महाराज, गिरवरधारीजू मंदिर के पुजारी मनु महाराज, व्यवस्थापक पवनदास,अनेकों गणमान्य नागरिक,सैकड़ों श्रद्धालु सहित भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा।


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