नाबालिग में जबरन कराया विवाह
झांसी : एक युवती ने अपने ससुराल तथा मायके पक्ष से जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा किए जाने की गुहार की है। युवती का आरोप है कि उसके नाबालिग होने पर उसके घर वालों ने उसका जबरदस्ती विवाह कर दिया था, जबकि वह बालिग होने के बाद अपने प्रेमी के साथ रह रही है। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी उसके पक्ष में आदेश जारी किया है कि वह अपनी मर्जी से कहीं भी किसी के भी साथ रह सकती है। यह पूरा मामला बबीना क्षेत्र में रहने वाली 18 वर्षीय दीपा गुर्जर का है। दीपा के अनुसार वर्ष 2024 में वह नाबालिग थी, तब उसकी मर्जी के खिलाफ उसके पिता ने उसका जिला ग्वालियर में रहने वाले एक युवक से जबरन विवाह कर दिया था। द्वारचार के समय किसी व्यक्ति द्वारा उसके नाबालिग होने की सूचना नरवर पुलिस को दी गई थी, जिस पर पुलिस ने विवाह रुकवा दिया था, लेकिन इसके बाद भी उसके पिता ने जबरदस्ती नाबालिग होते हुए भी उसका विवाह करवा दिया। ससुराल से विदा होने के बाद वह आज तक अपने मायके में रह रही है। अब वह पूरी तरह से बालिग हो चुकी है और 25 मार्च से वह अपने प्रेमी अभिषेक गुर्जर निवासी ग्राम नयाखेड़ा, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश के साथ अपनी मर्जी से रह रही है। दीपा का कहना है कि वह अभिषेक से ही विवाह करके अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपना दाम्पत्य एवं वैवाहिक जीवन यापन करना चाहती है, लेकिन उसके पिता तथा परिवरीजन उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसमें उसके पूर्व के ससुराल वाले भी शामिल हैं। इस संबंध में उसके प्रेमी अभिषेक ने हाई कोर्ट में भी एक रिट दायर की थी। इस रिट पर हाई कोर्ट ने उसके पक्ष में आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया है कि वह चूंकि बालिग है तथा वह अपनी मर्जी से कहीं भी किसी के साथ रह सकती है। दीपा का कहना है कि वह अभिषेक के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है, लेकिन उसके मायके तथा ससुराल वाले लगातार उसे तथा अभिषेक को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इस संबंध में उसने उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश पुलिस से हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जान माल की सुरक्षा की मांग की है।
रिपोर्टर : अंकित साहू
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