फूल‌ में से रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी

झाँसी :  फूलों में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी और साथ सज रही हैं श्री जनक की दुलारी..इस भक्ति गीत की यह पंक्तियां स्थानीय सिविल लाइन ग्वालियर रोड स्थित कुंजबिहारी मंदिर में  चल रहे फूल बंगला श्रृंगार सेवा को लेकर सटीक बैठती है। पूर्व के वर्षों से तो यह फूल‌बंगला  अक्षय तृतीया से गुरु पूर्णिमा तक पडने वाले प्रत्येक मंगलवार को ही सजाया जाता था परन्तु इस वर्ष महाराज श्री ने निर्णय लिया कि पूरे गर्मी के मौसम में यह फूल बंगला प्रतिदिन सजाया जायेगा जिसमें भगवान को गर्मी का अहसास न हो वह सब इंतजाम किये जायेंगे। इस वर्ष अक्षय तृतीया से शुरू हुआ यह क्रम अनवरत जारी है, जो गुरु पूर्णिमा तक चलेगा। कुंजबिहारी सरकार भक्त सेवा मंडल के युवाओं की यह लगन ऐसी है कि वे प्रति दिन एक से बढ़कर एक झांकियां सजाकर भगवान के श्री चरणों में अर्पित करते हैं, यही नहीं माता बहिनें भी सेवा में पीछे नहीं है। प्रातः से ही वे समय निकाल कर कुंजबिहारी सरकार और लाडली सरकार श्री राधारानी जू के लिए अति सुन्दर मनमोहक फूल माला,गजरा एवं‌ जूड़ा आदि पूरी तन्मयता एवं लगन से बनाती हैं। आपको बताते चलें कि पूर्व में फूलबंगला सजाने हेतु कलाकार श्रीधाम वृन्दावन से आया करते थे परंतु महंत राधामोहन दास के निर्देशन में झांसी के युवाओं ने ही वृंदावन के कलाकारों से कारीगरी सीख ली और अब इतने पारंगत हो गये कि प्रतिदिन जो फूल बंगला सजाते हैं , वह इतना सुंदर और मनमोहक होता है कि भक्तों को स्वत:ही मन मस्तिष्क में घर कर जाता है और ऐसा लगता कि आज का श्रृंगार और फूल बंगला  बीते दिनों से अधिक सुंदर है। पर ऐसा नहीं सुंदर, अति सुन्दर और सबसे सुंदर ही प्रतिदिन लगता है, और वह है भगवान कुंजबिहारी और‌ सर्वेश्वरी राधारानी की सुंदर और‌ सलौनी छबि जो हर कोई उनके दर्शन कर उनकी मनोहारी छबि मन मस्तिष्क में उतारना चाहता है। प्रतिदिन की तरह फूलबंगला श्रृंगार सेवा का यह अनूठा क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। बारिश की रिमझिम और खुशगवार मौसम के चलते इसकी सुंदरता में चार चांद लग गये, फिर विद्युत की अनुपम छठा ने भी समूचे मंदिर परिसर को मनोरम बना दिया। इस खुशगवार मौसम में भगवान श्रीकृष्ण एवं उनकी प्राण प्रियतमा राज राजेश्वरी राधिका सर्वेश्वरी जू की मनोहारी छवि की एक झलक पाने की ललक को मन में संजाये नगर के हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ी। सायंकाल छह बजे से विद्वत परिषद कर्मकाण्डी विप्रजन, साधु संत,नगर के मंदिरों के पुजारियों एवं सभी दर्शनार्थियों को भण्डारे का प्रसाद परोसकर खिलाया गया। प्रातः काल मंदिर में विराजमान सभी विग्रह मूर्तियों का पावन अभिषेक उपरांत श्रृंगार कर झांकी सजायी गयी तथा भगवान श्री कुंजबिहारी एवं राधिका जू के पावन चरणों में दिव्य एवं भव्य फूल बंगला सजाया और अर्पित किया गया। इस वर्ष अक्षय तृतीया से शुरू हुई फूल बंगला श्रृंगार सेवा प्रतिदिन जारी है जो गुरु पूर्णिमा तक चलेगी। देशी-विदेशी फूलों की महक से कुंजबिहारी मंदिर का प्रांगण महक उठा तो दर्शनार्थी भी भगवान की छवि निहारते ही मोहित हो उनके समक्ष पहुंचते ही सुधबुध खो बैठते ऐसा प्रतीत हो रहा था। 
सायंकाल छह से शास्त्रीय संगीत समाज गायन किया गया,जिसमें  बुन्देलखण्ड के ख्याति प्राप्त कलाकारों ने पद गायन किये तथा वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
  संगीत गायन एवं दर्शनों का सिलसिला देर रात्रि तक चलता रहा। तदुपरांत बुंदेलखंड धर्माचार्य राधामोहन महाराज ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण करने पधारे सभी साधु संत एवं विप्रजनों को दक्षिणा भेंट कर‌ विदा किया। रात्रि शयन‌ आरती कर महाराज श्री ने सभी को शुभाशीष देते हुए आभार व्यक्त किया। पुजारी बालकदास, पुजारी मनु महाराज एवं‌ व्यवस्थापक पवनदास ने सभी व्यवस्थाएं संभाली।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.