सीओ सदर रामवीर सिंह को मिला 'राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पुलिस पदक', एसएसपी ने किया सम्मानित
झांसी : उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशासनिक क्षमता और ईमानदारी के इतिहास में झांसी जनपद का नाम एक बार फिर सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। जनपद में तैनात क्षेत्राधिकारी (सदर) यानी सीओ सदर रामवीर सिंह को उनकी जीवनपर्यंत उत्कृष्ट, निष्पक्ष और सराहनीय पुलिस सेवाओं के लिए देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पुलिस पदक' प्रदान किया गया है। इस बेहद खास और गौरवशाली उपलब्धि के बाद पूरे झांसी पुलिस महकमे में हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई है।
इस गौरवमयी उपलब्धि को आधिकारिक रूप देने के लिए झांसी के पुलिस कार्यालय में एक विशेष और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने देश के राष्ट्रपति की ओर से सीओ रामवीर सिंह को यह प्रतिष्ठित पदक पहनाया और साथ ही सम्मान पत्र यानी प्रशस्ति पत्र सौंपकर उनका मान बढ़ाया। जैसे ही एसएसपी ने रामवीर सिंह के सीने पर यह पदक लगाया, पूरा सभागार वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विभाग के हर छोटे-बड़े कर्मचारी के चेहरे पर अपने साथी अधिकारी की इस सफलता को लेकर एक अलग ही चमक और संतोष दिखाई दे रहा था।
कठिन परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान है यह सम्मान
गौरतलब है कि 'राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पुलिस पदक' कोई साधारण पुरस्कार नहीं है। यह पदक देश के गृह मंत्रालय और राष्ट्रपति भवन द्वारा बेहद कड़े मानकों की जांच के बाद केवल उन्हीं पुलिस अधिकारियों या जवानों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने पूरे सेवाकाल के दौरान बिना किसी दाग के, पूरी ईमानदारी और अनुकरणीय आचरण के साथ समाज की सेवा की हो। सीओ सदर रामवीर सिंह ने अपने लंबे पुलिस करियर में अपराध नियंत्रण, पेचीदा मामलों के खुलासे और आम जनता के बीच पुलिस की छवि को सुधारने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। झांसी में सीओ सदर के पद पर रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए कई जमीनी सुधार किए। चाहे वह सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती हो या फिर गंभीर आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, रामवीर सिंह ने हमेशा अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और प्रशासनिक सूझबूझ का परिचय दिया। यही वजह है कि उनकी इस बेदाग और लोक-कल्याणकारी कार्यशैली को देखते हुए उन्हें इस सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया।
वरिष्ठों के मार्गदर्शन और टीम भावना को दिया सफलता का श्रेय
इस ऐतिहासिक सम्मान को प्राप्त करने के बाद भावुक और गौरवान्वित नजर आ रहे सीओ सदर रामवीर सिंह ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने मार्गदर्शक अधिकारियों और अपनी टीम को दिया। पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, "यह पदक केवल मेरी व्यक्तिगत मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें मेरे वरिष्ठ अधिकारियों का समय-समय पर मिला बहुमूल्य मार्गदर्शन, मेरे अधीनस्थ सहकर्मियों का दिन-रात का कठिन परिश्रम और मेरे परिवार का अटूट त्याग शामिल है।" उन्होंने आगे कहा कि जब देश के सर्वोच्च पद से आपके काम को सराहना मिलती है, तो आपकी जिम्मेदारी समाज और जनता के प्रति कई गुना और बढ़ जाती है। रामवीर सिंह ने संकल्प लेते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आने वाले समय में और अधिक ऊर्जा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा। वे आगे भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
समारोह में जुटे जिले के आला अधिकारी, दी बधाइयां
इस भव्य अलंकरण समारोह के दौरान झांसी जिले के लगभग सभी शीर्ष पुलिस अधिकारी एक छत के नीचे मौजूद रहे। सीओ सदर रामवीर सिंह की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बधाई देने वालों में मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक नगर प्रीत सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, पुलिस अधीक्षक अपराध अरीबा नोमान और क्षेत्राधिकारी पीयूष सिंह शामिल रहे। इसके अलावा जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारियों और पुलिस संघ के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर अपनी शुभकामनाएं दीं। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि रामवीर सिंह जैसे अधिकारी किसी भी जिले की पुलिस के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं। उनकी कार्यप्रणाली से न केवल युवा पुलिसकर्मियों को सीख लेनी चाहिए, बल्कि यह पदक इस बात का भी प्रमाण है कि ईमानदारी से किए गए काम का फल हमेशा अच्छा मिलता है। यह सम्मान पूरी झांसी पुलिस के मनोबल को बढ़ाने वाला है।
युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रामवीर सिंह
वर्तमान समय में जब पुलिसिंग के सामने रोज नई चुनौतियां और तकनीकी अपराध खड़े हो रहे हैं, ऐसे में रामवीर सिंह जैसी पुलिसिंग मिसाल पेश करती है। कानून का कड़ाई से पालन कराने के साथ-साथ जनता के साथ मित्रवत व्यवहार कैसे रखा जाए, यह कला उनकी कार्यशैली में साफ झलकती है। इस पदक के मिलने से यह संदेश भी गया है कि जो अधिकारी बिना किसी दवाब के निष्पक्ष होकर जनहित में काम करते हैं, उन्हें देश हमेशा याद रखता है और सम्मानित करता है। झांसी के नागरिक समाज ने भी सीओ सदर को इस बड़ी उपलब्धि पर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से बधाई संदेश भेजे हैं।
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