श्री सखी हनुमान मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर महंत नागा मोहन दास का पंचामृत अभिषेक, हुआ भंडारा आपको इनमें से कौन सा टोन चाहिए - धार्मिक, सामाजिक या सिर्फ सूचना वाला
झांसी : आज श्री सखी हनुमान मंदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर महंत श्री श्री 108 श्री श्री महंत नागा मोहन दास जी महाराज का दूध दही शहद इत्र व गंगाजल से उनका अभिषेक किया गया तत्पश्चात पूजन हुआ सुंदरकांड का पाठ व भंडारा संपन्न हुआ जिसमें नगर की गणमान्य व्यक्ति वभक्तों ने उन्हें माला पहनाकर अंग वस्त्र व पूजन किया सभी भक्तों शिष्यों को संबोधित करते हुए श्री महंत जी ने बताया कि गुरु की परंपरा अनंत काल से चली आ रही है स्वयं प्रभु ने गुरु दीक्षा लेकर अपना पठन-पाठन व राजकाज महत्वपूर्ण कर गुरु के बिना नहीं किया जा सकते गुरु का मुख्य अर्थ एवं होता है कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरु ही माना जाती की रक्षा के लिए सत्कर्म का मार्ग बताते हैं उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद दोउ खड़े काके लागे पन्य बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियों बताएं गुरु की महिमा ईश्वर से भी बड़ी बताई गई है इसी मौके पर मंदिर की मुख्य पुजारी श्री रमन दास जी महाराज बताया कि वर्तमान युग में जो नई पीढ़ी आ रही है वह उनका रुझान अपने गुरुओं की तरफ कुछ कम होता जा रहा है जबकि बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त हो ही नहीं सकता है आज पश्चात सभ्यता लोगों पर अपना अधिक प्रभाव बनाए हुए हैं जिससे नई पीढ़ी का नैतिक पतन हो रहा है इस मौके पर मुख्य रूप से शुगर सिंह यादव सन्यासी महाराज,भूपेंद्र तिवारी ऋतिक दास गगन दास ,मोनू महाराज,रवि शंकर दास ,मधु पाल सिंह नरेंद्र कुशवाहा आदि उपस्थित रहे ।
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